हल्द्वानी। मकर संक्रांति पर कुमाऊं अंचल में रविवार को घुघुतिया त्यार मनाया जाएगा। कुछ इलाकों में पौष मास के अंतिम दिन शनिवार को घुघुते बनाए गए जबकि अन्य जगह रविवार को घुघुते बनाए जाएंगे। कहीं रविवार तो कहीं सोमवार को बच्चे कौवों को घुघुते खाने बुलाएंगे।
कुमाऊं में सरयू पार के लोग पौष महीने के आखिरी दिन घुघुते बनाते हैं जबकि सरयू वार के लोग मकर संक्रांति के दिन ही घुघुते बनाने की परंपरा है। मकर संक्रांति पर्व पर पहला भोग कौवे को लगाया जाता है। कहावत है कि समूचे इलाके में इतने अधिक घुघुते कौवे को भोग लगाने के लिए दिए गए कि कौआ सरयू वार एक दिन बाद पहुंचा। सरयू पार पिथौरागढ़ जिले के साथ ही बागेश्वर जिले के सरयू के उस पार वाले लोगों ने शनिवार को घुघुते बनाए। घुघुते की माला पहन कर बच्चे सुबह-सुबह काले कौआ काले, घुघुते की माला खाले, ले कौआ पूरी तू दे मैं सूनू की छूरी, ले कौआ बड़ो, तू दे मैं सूनू को घड़ो आदि का उद्घोष कर कौवे को बुलाते हैं।
आज होगा पवित्र नदियों में स्नान
मकर संक्रांति पर्व पर लोग गार्गी नदी समेत पवित्र नदियों में स्नान करेंगे। कई लोग माघ स्नान के लिए हरिद्वार गए हैं। यहां सरयू, रामगंगा, काली, गोरी, शारदा, कोसी आदि नदियों में भी बड़ी संख्या में लोग स्नान करेंगे। स्नान, दान के साथ ही माघ का महीना शुरू होने पर माघी खिचड़ी का भोग लगाकर खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया जाएगा। कई स्थानों पर खिचड़ी के लंगर भी लगेंगे।