हल्द्वानी। रक्षाबंधन पर भाइयों को राखी बांधने के लिए रोडवेज ने बहनों के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का ऐलान किया था। रोडवेज प्रबंधन द्वारा कहा गया था कि रक्षाबंधन पर बसों की कमी नहीं होने दी जाएगी और बसों की पुख्ता व्यवस्था रहेगी। रोडवेज प्रबंधन ने सभी चालकों और परिचालकों की ड्यूटी रद्द कीं थी इसके बावजूद अधिकांश चालक, परिचालक ड्यूटी से गायब रहे। काठगोदाम और हल्द्वानी डिपो के अधिकांश चालक, परिचालकों के बगैर बताए ड्यूटी से गायब हो जाने के कारण रोडवेज के दावे हवाई साबित हुए। रोडवेज स्टेशन में सुबह से ही यात्रियों और बहिनों की भारी भीड़ थी। लेकिन बसें नहीं मिलने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
काठगोदाम डिपो ने 55 बसों के संचालन का शेड्यूल तय किया था लेकिन चालकों और परिचालकों के गायब हो जाने से मात्र 41 बसों का संचालन हुआ। इनमें अधिकांश नैनीताल, दिल्ली और बरेली की थीं। जेएनयूआरएम की 23 बसें ड्यूटी पर लगाई गई थीं लेकिन इनमें भी मात्र 10 का संचालन हुआ। हल्द्वानी डिपो की 52 में 40 गाड़ियों का ही संचालन हो सका। चालकों के ड्यूटी से गायब रहने के कारण देहरादून, दिल्ली और बरेली को कम बसें चलीं। स्टेशन में यात्रियों की भीड़ और बसों की कमी के चलते टाइम कीपर ने कई बार उच्चाधिकारियों से संपर्क किया। लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर उसके हाथ पांव फूल गए। रोडवेज प्रबंधन की ढिलाई के कारण यात्रियों को फजीहत झेलनी पड़ी। काठगोदाम और हल्द्वानी डिपो के अधिकारियों के मुताबिक गायब रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।