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अब दोषियों को बचाने की तैयारी

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हल्द्वानी। संभागीय खाद्य नियंत्रक नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के उच्च अधिकारी खराब चावल खरीदने वाले अधिकारियों को बचाने में लगे हैं। रिपोर्ट आने के तीन दिन बाद भी उच्च अधिकारियों की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही है। 39 सैंपल फेल होने के बाद इन गोदाम में रखे 1.20 लाख क्विंटल चावल सवाल के घेरे में आ गए हैं। अब सवाल उठ रहा है कि विभाग के उच्च अधिकारी क्यों बचे हुए चट्टों के सैंपल नहीं ले रहे हैं।
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अमर उजाला की ओर से खराब चावल बांटने की खबरें प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद विभाग की ओर से 46 सैंपल लिए गए थे। जिसमें से 39 सैंपल फेल हो गए। ये 46 चट्टों में सै सैंपल लेने के बाद भारी मात्रा में सैंपल फेल होने के बाद संभागीय खाद्य नियंत्रक की ओर से स्टेट पूल के मंडी और कमलुवागांजा गोदाम में बाकि बचे चावल के भी सैंपल लिए जाने थे। लेकिन संभागीय खाद्य अधिकारी ने सैंपल लेना तो दूर, तीन दिन रिपोर्ट आने के बाद भी कार्रवाई नहीं की। ऐसे में उच्च अधिकारियों मंशा और नियम में भी सवाल उठने लग गए हैं। सूत्रों की मानें तो जिन चट्टों के सैंपल नहीं लिए गए हैं उन्हें दोबारा नैनीताल और पहाड़ों में खपाने की तैयारी चल रही है। जबकि ये चावल भी अधोमानक हैं।

संभागीय खाद्य नियंत्रक ने एसएमओ से मांगे स्पष्टीकरण
हल्द्वानी। संभागीय खाद्य नियंत्रक वीएस धनिक ने कमलुवागांजा और स्टेट पूल के मंडी गोदाम इंचार्ज (वरिष्ठ विपणन अधिकारी) से स्पष्टीकरण मांगा है। कमलुवागांजा इंचार्ज दिनेश बिष्ट और मंडी इंचार्ज दिनेश आर्या को भेजे गए स्पष्टीकरण में चावल के सैंपल फेल होने और घटिया चावल खरीदने के बारे में पूछा गया है। वहीं शासन को भी रिपोर्ट भेजने की तैयारी की जा रही है। आरएफसी वीएस धनिक ने बताया कि स्टेट पूल कॉरपोरेशन के अधिकारियों को भी लिखा जा रहा है।
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पीडीएस गोदाम की दोबारा हो जांच
पीडीएस गोदाम के सैंपल में जिस तरीके से खेल हुआ है। उससे विभाग की कार्यप्रणाली और उसकी जांच ही संदेह के घेरे में आ गई है। अब सवाल उठ रहा है कि विभाग के अधिकारी क्यों पीडीएस गोदाम के दोबारा सैंपल क्यों नहीं ले रहे हैं। जबकि पीडीएस गोदाम से 12 हजार क्विंटल चावल जाने के बाद भी अभी भारी मात्रा में चावल बचा है। इनका सैंपल लेकर किसी स्वतंत्र एजेंसी से उसी समय जांच कराई जाए, तो विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत और जांच रिपोर्ट में किया गया खेल सामने आ सकता है।
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