फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुष्कर्म के दोषी को 10 साल का कठोर कारावास

विज्ञापन
विज्ञापन
हल्द्वानी। दुष्कर्म के एक मामले में पॉक्सो अदालत की विशेष न्यायाधीश अर्चना सागर ने दोषी को 10 वर्ष का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एक आरोपी के खिलाफ साक्ष्य न मिलने और पीड़िता के उसके खिलाफ बयान न देने पर उसे बरी कर दिया गया।
विज्ञापन

शासकीय अधिवक्ता नवीन जोशी ने बताया कि भवाली निवासी किशोरी एक अक्तूबर 2018 को सुबह 11 बजे घर से कहीं चली गई। परिजनों ने बेटी की गुमशुदगी रिपोर्ट भवाली थाने में दर्ज कराई। दो अक्तूूबर को पुलिस ने उसे भवाली में ही उसके घर के पास से बरामद कर लिया और साथ में राजेश मेर को गिरफ्तार किया।
अधिवक्ता जोशी ने बताया कि आरोपी राशिद निवासी कुमराह मुड़िया इज्जतनगर बरेली हाल पता श्यामखेत भवाली ने एक अक्तूबर 2018 को नाबालिग से कहा कि उसके पिता की तबीयत खराब है और अपनी कार में बैठा लिया। कुछ दूर ले जाकर पानी पिलाया। पानी पीने के कुछ देर बाद लड़की बेहोश हो गई। राशिद ने भवाली के एक गार्डन में उसके साथ दुष्कर्म किया। दुष्कर्म करने के बाद राशिद लड़की को भवाली में ही नैनीताल रोड पर नैनी मोड़ के पास गाड़ी से उतारकर चला गया। इसी बीच नाबालिग ने एक जीप आती देखी और उसको हाथ देकर रोका। जीप चालक राजेश मेर से कहा कि उसे अपनी ताई के घर हल्द्वानी जाना है। नाबालिग ने राजेश को अपने घर का गलत पता बताते हुए कहा कि वह मुक्तेश्वर की रहने वाली है और गुस्सा होकर घर से चली आई है। नाबालिग को हल्द्वानी में अपनी ताई के घर का पता नहीं मालूम था, इसलिए काठगोदाम पहुंचने पर उसने राजेश मेर को पूरी बात बता दी। पूरी जानकारी मिलने के बाद राजेश नाबालिग को भवाली वापस लेकर चला गया और एक होटल में ठहरा दिया।
विज्ञापन

अदालत में आरोपों से मुकर गई नाबालिग
दो अक्तूूबर को पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर राजेश मेर को भी पकड़ा लिया। तब नाबालिग ने राजेश मेर के ऊपर भी गलत काम करने आरोप लगाया था। अदालत में हुए बयान के दौरान नाबालिग ने कहा कि राजेश मेर ने उसके साथ कोई गलत काम नहीं किया। साथ ही सीआरपीसी की धारा 164 के तहत हुए कलमबंद बयान में भी राजेश का नाम नहीं बताया। मामले की सुनवाई के दौरान जोशी ने दस गवाह कोर्ट में पेश किए। पॉक्सो अदालत की विशेष न्यायाधीश अर्चना सागर ने पूरा मामला सुनने के बाद राशिद को दोषी मानते हुए आईपीसी की धारा 363 के तहत तीन वर्ष का कठोर कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड, 366 आईपीसी के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना एवं 376 आईपीसी का दोषी मानते हुए दस वर्ष का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के दोषी को सात वर्ष का कारावास
हल्द्वानी। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार ने शादी का झांसा देकर एक युवती के साथ दुष्कर्म करने के दोषी को सात वर्ष का कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। शासकीय अधिवक्ता नवीन जोशी ने बताया कि पटियाला पंजाब निवासी पीयूष गौड़ रुड़की के एक कॉलेज से डिप्लोमा कर रहा था। हल्द्वानी निवासी एक युवती जुलाई 2015 में नौकरी के सिलसिले में हरिद्वार गई। उसके बाद पीयूष के ही कॉलेज से बीटेक कर रहे हल्द्वानी निवासी अपने दोस्त के कमरे में उससे मिलने पहुंची। पीयूष और हल्द्वानी निवासी युवक रूम पार्टनर थे। युवती को देखकर पीयूष ने उससे प्यार का इजहार किया और विवाह करने की बात कही। इसके बाद पीयूष ने हरिद्वार के एक होटल में युवती को कई बार ले जाकर दुष्कर्म किया। कुछ समय बाद एक सरकारी विभाग में नौकरी लगने की बात कहते हुए पीयूष हल्द्वानी आ गया और युवती के घर पर ही रहने लगा। दोनों के विवाह करने की बात की जानकारी होने के कारण परिजनों ने भी विरोध नहीं किया। वर्ष 2017 तक सब ठीक चलता रहा। वर्ष 2018 की शुरुआत में पीयूष ने युवती से विवाह करने से इनकार कर दिया। इसके बाद युवती ने हल्द्वानी कोतवाली में पीयूष के खिलाफ 17 अप्रैल 2018 को मुकदमा दर्ज कराया। जोशी ने न्यायालय के समक्ष आठ गवाह पेश किए। प्रथम सत्र न्यायाधीश ने पूरा मामला सुनने के बाद आईपीसी की धारा 376 के तहत पीयूष गौड़ को सात वर्ष का कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें