चोरगलिया (नैनीताल)। नंधौर नदी में उपखनिज निकासी लक्ष्य समाप्ति के 14 दिन बाद भी खनन लक्ष्य नहीं बढ़ाया गया है। राज्य सरकार की टीमें 16 दिन पूर्व नदी का सर्वे कर वापस जा चुकी हैं। खनन लक्ष्य नहीं बढ़ाए जाने से नंधौर के पांचों गेटों पर ताले लटके हैं। खनन बंद होे से नंधौर उपखनिज से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े वाहन स्वामी, दुकानदार और मजदूरों समेत करीब 10 हजार से अधिक लोग बेरोजगार हो गए हैं। मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है।
दिसंबर 2020 में नंधौर नदी में पांच लाख घनमीटर खनन का लक्ष्य था यह 23 फरवरी 2021 को पूर हो गया। शासन से लक्ष्य नहीं बढ़ाए जाने पर वन विकास निगम को नंधौर में खनन बंद करना पड़ा। आमतौर पर नंधौर के खनन गेट 31 मई को बंद होते थे लेकिन इस बार तीन महीने पहले ही बंद कर दिए गए हैं। खनन बंद होने से करीब तीन हजार वाहनों के चक्के जाम हो गए हैं और वाहन स्वामी बिना काम के भी टैक्स देने को मजबूर हैं। नंधौर में 90 फीसदी मजदूर बिहार, उत्तरप्रदेश और झारखंड जबकि 10 फीसदी उत्तराखंड से आते हैं। 70 प्रतिशत मजदूर काम बंद होने से घरों को लौट गए हैं। शेष बचे मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। चुगान से वन विकास निगम को प्रतिदिन करीब 6 लाख रुपये राजस्व मिलता है। लक्ष्य नहीं बढ़ने से राजस्व की हानि हो रही है।