हल्द्वानी। नगर निगम की हंगामेदार बोर्ड बैठक में 1795783926 आय का बजट पेश किया गया। बोर्ड ने 16 प्रस्ताव में भी अपनी मुहर लगा दी। कांग्रेसी समर्थित पार्षदों ने बोर्ड बैठक का बहिष्कार किया।
सोमवार को 11 बजे से बोर्ड बैठक रखी गई थी। पार्षदों के विरोध के बावजूद बोर्ड बैठक एक घंटा देरी से शुरू हुई। सबसे पहले सहायक नगर आयुक्त विजेंद्र चौहान ने बजट पेश किया। बजट में नगर निगम की अनुमानित आय 1431360000, कुल आय 1795783926 और अनुमानित व्यय 1720380656 रखा गया। इसके बाद एक-एक 17 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। चर्चा में एक प्रस्ताव को छोड़कर बोर्ड ने सभी 16 प्रस्तावों पर मोहर लगा दी।
ये प्रस्ताव हुए पारित
- मार्ग प्रकाश व्यवस्था के लिए टेंडर आमंत्रित करने की अनुमति।
- हाट बाजारों के विनियमन एवं नियंत्रित किए जाने वाले उपनियम व दरों के अंतिम प्रकाशन पर मुहर।
- हाट बाजार लगाने के लिए पांच सदस्यों की कमेटी बनाने की अनुमति।
- सफाई उपकरण, जेसीबी सहित (56 वाहन) 6.11 करोड़ की लागत से खरीदने और ऋण लेने की अनुमति।
- ठोस उपशिष्ट प्रबंधन की उपविधियों पर बोर्ड की मोहर।
- पुस्तकालय और नगर आयुक्त के आवास को ध्वस्तीकरण कर आय-सृजन के बहुमंजिला इमारत निमार्ण पर मोहर।
- जिला विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर शासन को एक प्रस्ताव भेजने का निर्णय।
- सीवर जैटिंग मशीन खरीदने पर मोहर।
- अमृत योजना के तहत 14.92 लाख से आवास विकास के पार्क का सौंदर्यीकरण पर मोहर।
- नगर निगम इंटर कालेज काठगोदाम की पुरानी बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण की अनुमति।
- अंबेडकर पार्क दमुवाढूंगा में मूर्ति को अनुमति।
- टनकपुर रोड पर 60 लाख रुपये से सर्फेस पार्किंग के प्रस्ताव पर मोहर।
- मेयर को 1.56 करोड़ रुपया खर्च करने की अनुमति।
- पालतू पशुओं के पंजीकरण की उपविधि पर मोहर।
- पंजाबी जन कल्याण समिति को एक पार्क गोद देने पर मोहर।
इस प्रस्ताव पर नहीं लगी मुहर
नहर कवरिंग रोड कालटैक्स तिराहे से मुखानी चौराहे तक की सड़क को विवेकानंद मार्ग रखे जाने के प्रस्ताव में एक राय नहीं बन पाई। इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाला गया।
महिला पार्षदों को मेयर ने बहार निकाला
हल्द्वानी। कांग्रेस समर्थित महिला पार्षद सहित कई पार्षदों ने बोर्ड बैठक के रजिस्टर में साइन नहीं किए। ये पार्षद प्रस्ताव में चर्चा कर रहे थे। तभी मेयर जोगेंद्र रौतेला ने महिला पार्षदों से कहा कि बोर्ड बैठक के रजिस्टर में साइन करें या बोर्ड बैठक से चले जाएं। इस पर कांग्रेस समर्थित पार्षद बैठक से उठकर चले गए।
प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
पार्षद धीरेंद्र रावत, मनोज जोशी सहित कई पार्षदों ने जिला विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में सवाल उठाते हुए कहा कि प्राधिकरण की लापरवाही के कारण नजूल की जमीन में अवैध कब्जे हो रहे हैं। बिना नक्शों के भवन बनाए जा रहे हैं।
बैठक में ये रहे मौजूद
नगर आयुक्त चंद्र सिंह मर्तोलिया, विजेंद्र चौहान, डा. मनोज कांडपाल, बबीता, गणेश भट्ट, पूजा, केबी उपाध्याय, चंद्र सिंह, अमोल असवाल आदि।
कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने जमकर काटा हंगामा
हल्द्वानी। बोर्ड बैठक से पूर्व कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने मेयर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्षदों ने मेयर पर कोरे आश्वासन देने, पूर्व बोर्ड बैठक के प्रस्ताव को लागू न करने, कांग्रेस समर्थित पार्षदों के साथ भेदभाव सहित कई आरोप लगाए। उन्होंने एक घंटा मेयर के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। बोर्ड बैठक शुरू होते ही पार्षद रवि जोशी, मो. गुफरान, गीता ब्लूटिया, दीपा बिष्ट, नीमा भट्ट, कम्मो रानी, जेबा वारसी, राधा आर्य, ज्योति पांडे, राजेंद्र सिंह जीना, हेमंत शर्मा, धर्मवीर डेविड, जाकिर हुसैन सहित कई पार्षदों ने कहा कि मेयर ने 11 माह में अभी तक एक रुपये का काम नहीं किया है। शहर में विकास कार्य तो दूर सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। निगम डेंगू की चपेट में है, मेयर कभी फील्ड में जाकर वार्डों की सफाई व्यवस्था का जायजा नहीं ले रहे हैं। बोर्ड बैठक में सफाई कर्मचारियों को रखने का प्रस्ताव पारित होने के बाद भी अभी तक सफाई कर्मचारी नहीं रखे गए हैं। पार्षद रवि जोशी ने कहा कि उपचुनाव हो जाए तो मेयर वार्ड मैंबर का चुनाव तक नहीं जीत सकते हैं। इसके बाद कांग्रेसी पार्षदों ने बोर्ड बैठक का बहिष्कार कर दिया।
मेयर बोले-मच्छर की पीठ में सवार होगा विधानसभा जाने का सपना छोड़ दें
मेयर जोगेंद्र रौतेला ने कहा कि बोर्ड बैठक का बहिष्कार सोची समझी साजिश के तहत किया गया है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को नगर निगम की राजनीति से दूर रहने की चेतावनी दी। कहा कि मच्छर की पीठ में बैठकर विधानसभा जाने का सपना छोड़ दें।
कैसे काम करना है, मुझे पता है
पार्षदों ने जब मेयर जोगेंद्र रौतेला के काम काज पर सवालिया निशान लगाने शुरू किए तो मेयर इससे विचलित हो गए। उन्होंने पार्षदों से दो टूक शब्दों में कहा कि मुझे कैसे काम करना है, मुझे पता है। मुझे नसीहत न दें। मुझे सुनने की आदत नहीं है।
बिना चर्चा के कर दिया बजट पारित
पहला प्रस्ताव सहायक नगर आयुक्त विजेंद्र चौहान की ओर से वार्षिक बजट रखा गया। जैसे ही बजट पर चर्चा शुरू हुई कि पार्षद धीरेंद्र रावत ने बजट को सही बताते हुए इसे पास करने की घोषणा कर दी। साथ ही ये कह दिया कि बजट तो उन्हें वैसे भी पास करना है। इस पर सदन में मौजूद भाजपा पार्षदों ने हामी भर दी, जबकि बजट सबसे महत्वपूर्ण होता है। मेयर और धीरेंद्र रावत की जोड़ी इसे बहुत हल्के पर निकाल ले गई।