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मेटल डिटेक्टर तोड़ेंगे नकल माफिया का चक्रव्यूह

Mon, 21 Mar 2016 08:41 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : concept photo
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राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में अब नकलची अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाएंगे।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा से लेकर यूजीसी की नेट परीक्षा तक में मेटल डिटेक्टर के इस्तेमाल करने का फैसला किया है। दूसरी ओर, आयुर्वेद विश्वविद्यालय भी यूएपीएमटी और यूएपीजीएमईई परीक्षाओं में जैमर और बग डिटेक्टर लगाएगा। इससे आने वाले वक्त में नकल के चक्रव्यूह को तोड़ा जा सकेगा। इस संबंध में हाल ही में निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।

सीबीएसई हर साल ऑल इंडिया प्री मेडिकल प्री डेंटल टेस्ट (एआईपीएमटी), ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई), केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी), नेशनल एजिबिलिटी टेस्ट (नेट) परीक्षाओं का आयोजन कराता है। गत वर्ष हरियाणा के रोहतक में
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एआईपीएमटी का प्रश्नपत्र बड़े पैमाने पर लीक हुआ था, जिस वजह से बाद में परीक्षा रद्द हो गई थी। उस वक्त नकलचियों के पास से बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त की गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अब सीबीएसई ने सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मेटल डिटेक्टर डिवाइस का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है। इसके तहत बोर्ड करीब आठ हजार डिवाइस खरीदने जा रहा है।

हर परीक्षा केंद्र पर एंट्री के वक्त हर अभ्यर्थी को मेटल डिटेक्टर से गुजरना होगा। बोर्ड ने इसके लिए टेंडर निकाले हैं। एआईपीएमटी परीक्षा एक मई 2016 को, जेईई मेंस ऑफलाइन परीक्षा तीन अप्रैल को और जेईई मेंस ऑनलाइन परीक्षा 9 व 10 अप्रैल 2016 को होने जा रही है।

यहां लगाएगा लगाम
मेटल डिटेक्टर से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, कॉपर, एल्युमिनियम, सिल्वर आदि के अलावा वायर, सेल बैटरी, बड़ी बैटरी, छोटे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, फोटोवॉल जैसे सभी इक्विपमेंट को डिटेक्ट कर लेगा। इसके बाद अभ्यर्थी घड़ी से लेकर गले का लॉकेट तक पहनकर परीक्षा केंद्र में नहीं घुस पाएगा। यह हाथ में पकड़ने वाली डिवाइस होंगी, जिनसे हर अभ्यर्थी की स्कैनिंग की जाएगी। बोर्ड ने इसका टेंडर वेबसाइट पर जारी किया है।

आयुर्वेद विवि यूएपीएमटी में लगाएगा जैमर और बग डिटेक्टर
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने उत्तराखंड आयुष प्री प्रवेश परीक्षा (यूएपीएमटी) और उत्तराखंड पीजी आयुष प्रवेश परीक्षा (यूएपीजीएमईई) में इस बार जैमर और बग डिटेक्टर लगाने का फैसला लिया है। विवि के कुलसचिव ने इस संबंध में टेंडर मांगे हैं।
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इसमें बताया गया है कि दोनों प्रवेश परीक्षाओं में केंद्रों पर जैमर, सीसीटीवी कैमरा, स्टिल फोटोग्राफी के साथ ही बग डिटेक्टर लगाया जाएगा। इसके तहत विवि ने कंपनियों से 26 मार्च तक निविदाएं जमा करने को कहा है। दोनों परीक्षाओं का आयोजन प्रदेश में 26 जून 2016 को होने जा रहा है।
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