उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद विकाराल रूप धारण करने वाली गंगा मैया लोगों के साथ ही 'भगवान' पर भी रहम नहीं दिखा रही हैं।
ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन गंगा घाट पर स्थापित भगवान शिव की भव्य मूर्ति सोमवार को गंगा में उफान के साथ बह गई।
तस्वीरों में: उफान पर यमुना
बीते रविवार से ही गंगा का पानी करीब 15 फीट ऊंची शिव मूर्ति के गले से होकर बह रहा था।
मौके पर मूर्ति को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा थी।
इस बीच अचानक भव्य मूर्ति तेज बहाव के कारण बह गई।
भोलेनाथ के जयकारे के साथ भक्तों ने काफी दूर तक गंगा में बहती मूर्ति के दर्शन किए।
इसके बाद वह नदी के तेज बहाव में ओझल हो गई।
तस्वीरों में: उत्तराखंड में आसमान से बरसी आफत
2010 में भी भगवान शिव की यह मूर्ति बाढ़ में डूब गई थी।
जिसके बाद इसे इस उद्देश्य से ऊंचा किया गया था कि भविष्य में गंगा में चाहे जितना पानी आए यह मूर्ति नहीं डूबे।
पिछले साल सितंबर में भी ऐसी स्थिति आई थी जब गंगा ने भगवान शिव की मूर्ति को डुबो दिया था।
लेकिन इस बार तो जून में ही गंगा की लहरों ने मूर्ति को बहा दिया।