कोटद्वार। नवरात्र के दौरान श्रीमद् देवी भागवत कथा का विशेष महत्व है। इस कथा को सुनने से माता दुर्गा की कृपा, ज्ञान और सुख-समृद्धि की प्राप्त होती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। भाबर के प्राचीन श्री सिद्धबली मंदिर गूलरझाला में चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा के पहले दिन आचार्य विपिन सेमवाल ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि देवी पुराण पढ़ने एवं सुनने से रोग, कष्ट योग आदि का निवारण हो जाता है। इस पुराण के श्रवण से दरिद्र धनी, रोगी निरोगी और पुत्रहीन स्त्री पुत्रवती हो जाती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए नौ दिनों तक सात्विक जीवन जिएं। सुबह-शाम घी का दीपक जलाएं और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। इस अवसर पर मंदिर समिति अध्यक्ष गौरव कुकरेती, पुजारी विद्या दत्त केष्टवाल, रोशन धूलिया, वेदप्रकाश देवलियाल, सुमन गौड़, वंश ममगाईं, अरनव, सरोज डबराल, गीता धूलिया आदि मौजूद रहे। संवाद