श्रीनगर मे सीएम हरीश रावत पर आक्रोशित आंगनबाडी कार्यकर्तीयो ने फैकी माला
राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग के लिए आंदोलनरत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों/सहायिकाओं ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में जमकर हंगामा किया। विरोध प्रदर्शन के बीच एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने तो फूलों की माला ही मुख्यमंत्री की ओर फेंक दी। कार्यकत्रियों के इस व्यवहार से खिन्न सीएम यह कहकर चले गए कि ऐसा करके आप लोगों (आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों) ने निशुल्क वकील खो दिया। उनका मामला केंद्र स्तर का है। वह उनकी मांगों के लिए केंद्र में पैरवी कर रहे थे।
मुख्यमंत्री हरीश रावत सोमवार को व्यापार सभा के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे थे। हड़ताली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं भी अपनी मांगों के संबंध में वार्ता करने सभा स्थल पर पहुंच गई। मुख्यमंत्री के सभास्थल पर पहुंचने के कुछ देर बाद कार्यकत्रियां कुर्सी हटाते हुए जमीन मेें धरने पर बैठ गई। वह बीच-बीच में नारेबाजी करती रही। इस दौरान पूरा पुलिस बल उनकी निगरानी करने के साथ ही समझाने में लगा रहा, लेकिन कार्यकत्रियां नहीं मानी।
कार्यक्रम जब समाप्ति की ओर था, कार्यकत्रियों के तेवर उग्र हो गए। वह खड़े होकर नारेबाजी करने लगी। इससे मुख्यमंत्री भी नाराज हो गए। वे कार्यकत्रियों से बोले ‘आपका यह व्यवहार अच्छा नहीं है। मैं आपकी मांग केंद्रीय बाल विकास मंत्री मेनका गांधी तक पहुंचा रहा था।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यकत्रियों की मांग के संबंध में वह कैबिनेट में प्रस्ताव रखने वाले थे, लेकिन आज उनका यह व्यवहार देखकर वह अपना फैसला वापस ले सकते हैं। सीएम के ऐसा कहने पर कार्यकत्रियां और भड़क गई। वह सीएम का घेराव करने के इरादे से आगे बढ़ी लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कवच बनाते हुए उनको रोक लिया। कार्यकत्रियों का नेतृत्व कर रहे प्रजामंडल के नेता समीर रतूड़ी के हंगामा करने पर पुलिस उनको पकड़कर सभास्थल से दूर ले गई। क्षेत्रीय विधायक गणेश गोदियाल कार्यकत्रियों से वार्ता करने गए, लेकिन उनको भी विरोध झेलना पड़ा।
खुफिया विभाग भी रहा नाकाम
श्रीनगर। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के विरोध प्रदर्शन की आशंका पहले से होने के बावजूद
पुलिस प्रशासन और खुफिया विभाग उन्हें सभा स्थल पर पहुंचने में नाकाम रहा। इस वजह से व्यापार सभा शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत को पूरे कार्यक्रम के दौरान खूब फजीहत झेलनी पड़ी।