अपराजिता मुहिम के तहत जशोधरपुर में आयोजित गोष्ठी में शामिल प्रतिभागी।
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अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में महिला सशक्तीकरण पर गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें महिलाओं और स्कूली छात्राओं को कानून और महिला अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। इस मौके पर भाबर की महिलाओं ने अपराध के खिलाफ हुंकार भरी। वक्ताओं ने कहा महिलाएं जब अपराध पर चुप्पी तोड़ेंगी तब जाकर ही अपराजिता बन सकतीं हैं। लोगों को संचार क्रांति के इस युग में साइबर क्राइम के प्रति भी सचेत रहना होगा।
शुक्रवार को गोष्ठी को संबोधित करते जीजीआईसी कलालघाटी की एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ मंजू कपरवाण ने महिला हिंसा से जागरूक रहने पर जोर दिया। कहा कि देशभर में महिलाओं से जुड़े अपराधों की बाढ़ सी आ गई है। सरकार ने कड़े कानून भी बनाए हैं, लेकिन जागरूकता के अभाव में महिलाएं अपराध का शिकार हो रही हैं। उन्होंने छात्राओं को जहां गुट टच, बेड टच के फर्क को समझाया, वहीं महिलाओं को साइबर क्राइम के प्रति सतर्क रहने और सोशल मीडिया का उपयोग सावधानी से करने पर जोर दिया। नगर निगम के क्षेत्रीय पार्षद राकेश बिष्ट और विवेक शाह ने अमर उजाला की अपराजिता मुहिम की सराहना की। कहा कि इससे आम जनता खासकर महिलाएं जागरूक हो रही हैं। इस दौरान गोष्ठी में शिरकत कर भारत स्वाभिमान ट्रस्ट की सदस्य इंदु नौटियाल, समाजसेवी आशा नैथानी, सावित्री नैथानी, नागेंद्र दत्त डबराल और डॉ राजेंद्र बमराडा ने कहा कि महिलाएं जागरूक होकर ही अपराजिता बनेंगी। कहा कि चुप्पी साधने से अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं। गोष्ठी में भारती बलूनी, निर्मल केमनी, मुन्नी रावत, कांति भट्ट, मीना रौतेला, जसपाल सिंह नेगी और अजय सिंह नेगी समेत 94 प्रतिभागी शामिल रहे।