छावनी परिषद से लाइट व्यवस्था दुरुस्त करने की कई बार की जा चुकी है मांग
लैंसडौन। कालागढ़ टाइगर रिजर्व के डीएफओ आवास से कालागढ़ी बाजार मार्ग पर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था ठप पड़ी है। राहगीरों को आवागमन में समस्या तो आ ही रही है। साथ ही जंगली जानवरों के हमले की आशंका बनी है। कई बार मांग करने के बावजूद स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका है।
लैंसडौन में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था छावनी परिषद के अधीन है। कालागढ़ टाइगर रिजर्व के डीएफओ आवास से 2/3 कालागढ़ी बाजार तक छावनी परिषद की ओर से मार्ग पर 12 स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। इनमें चार स्ट्रीट लाइट गत चार माह से बंद पड़ी है। ये मार्ग जंगल से सटा होने से दिन ढलते ही गुलदार की आवाजाही शुरू हो जाती है। आवागमन में असुविधा होने के साथ ही गुलदार के हमले की आशंका बढ़ जाती है। पिछले कुछ दिनों से लैंसडौन में कूड़ा निस्तारण केंद्र और आसपास भालू और अन्य जगहों पर गुलदार नजर आने से पहले ही लोगों में काफी दहशत बनी हुई है।
वहीं, छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी के हवाले से विद्युत अनुभाग के प्रभारी आनंद दास ने कहा कि पिछले दिनों आई आंधी से मार्ग पर कुछ पोल उखड़ गए थे। इन्हें ठीक करवा कर लाइट व्यवस्था सुचारु कर ली गई थी। अभी लोगों द्वारा लाइट खराब होने की सूचना उन्हें नहीं दी गई थी। अब यह मामला संज्ञान में आया है तो इलेक्ट्रीशियन को भेजकर खराब पड़ी लाइटों को ठीक करा लिया जाएगा। लोगों को असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
डीएफओ आवास से कालागढ़ी बाजार मार्ग पर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, केंद्रीय विद्यालय के छात्रों, कालागढ़ी बाजार के 100 से 150 लोगों की देर शाम तक आवाजाही बनी रहती है। मार्ग पर गुलदार की सक्रियता होने से सभी के लिए खतरा बढ़ गया है। -महिपाल रावत, छावनी परिषद के पूर्व सदस्य।
गत चार माह से मार्ग की 12 में से चार लाइट खराब पड़ी है। दिन ढलने के बाद मार्ग से आवागमन में परेशानी तो हो ही रही है। अब क्षेत्र में गुलदार की धमक बढ़ जाने से राहगीरों के लिए खतरा बढ़ गया है। बंद स्ट्रीट लाइटों को अविलंब दुरुस्त किया जाए। -नवीन कन्नौजिया, स्थानीय निवासी एवं राजकीय शिक्षक।