पाबौ। भीषण बारिश से पाबौ ब्लॉक में आपदा के कारण के कई गांवों की पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसका असर अब सितंबर और अक्तूबर माह में होने वाले विवाह समारोहों पर भी देखने को मिलेगा। ब्लॉक के सिमखेत, कोटा और पाबौ बाजार सहित कई गांवों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। ग्रामीण प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं, जिसके लिए उन्हें रोजाना एक से दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है।
सिमखेत गांव में सितंबर और अक्तूबर में दो विवाह समारोह होने हैं लेकिन पेयजल संकट के चलते परिवारों की चिंता बढ़ गई है। सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश सिंह का कहना है कि ग्रामीण पहले से ही कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। अब विवाह जैसे बड़े आयोजनों में मेहमानों के लिए पानी जुटाना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। क्षेत्र पंचायत सदस्य सिमखेत जसदे देवी ने भी माना कि छह अगस्त की आपदा से पहले ही गांव में पेयजल समस्या गंभीर थी। अब हालात और बिगड़ गए हैं। उनके अनुसार विभाग से लगातार संपर्क करने के बावजूद लाइन को दुरुस्त करने में समय लगेगा।
इसी तरह कोटा गांव और पाबौ में भी विवाह समारोह होने हैं, लेकिन यहां भी पेयजल संकट गहराता जा रहा है। विवाह की तैयारियों में जुटे परिवार अब असमंजस में हैं कि आयोजन गांव में करें या बाहर कहीं स्थल तलाशें। पाबौ के प्रवीण का विवाह सितंबर के आखिर में होना है। उनका कहना है कि यदि तब तक पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हुई तो समारोह अन्य जगह करना पड़ सकता है। इस बीच जल संस्थान के अधिशासी अभियंता प्रवीण सैनी का कहना है कि विवाह समारोह को देखते हुए ऐसे घरों में वैकल्पिक माध्यमों से पानी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि समारोह में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। हालांकि ग्रामीणों का मानना है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक परेशानियां बनी रहेंगी।