यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री स्व.हेमवती नंदन बहुगुणा के पैतृक गांव बुघाणी में पेयजल संकट बना हुआ है। ग्राम पंचायत देवलगढ़ के मंदेरा, बुघाणी और मुंडोली गांव में अक्सर पेयजल आपूर्ति ठप हो जाती है। इन गांवों में मंदेरा-चौखाल पेयजल योजना से आपूर्ति होती है। भेलगढ़ गदेरे से आ रही पाइप लाइन वर्षों पुरानी होने से क्षतिग्रस्त हो जाती है।
भाजपा एससी मोर्चा के मंडल अध्यक्ष रमेश मंद्रवाल ने बताया कि इस योजना में स्रोत से गांव तक पानी पहुंचाने के लिए कहीं भी टैंक नहीं है। पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने पर नलों पर पानी चलना बंद हो जाता है। पेयजल किल्लत के बारे में कई बार जिलाधिकारी को पत्र भेजने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मंदेरा और मुंडोली में हैंडपंप लगाने की मांग की है।
इधर, जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता सोहन सिंह जेठूड़ी ने बताया कि पिछले दिनों जीआईसी देवलगढ़ के समीप पाइप लाइन टूटने से आपूर्ति बाधित हुई। इसको दुरुस्त कर दिया गया है। इसे दूसरी योजना के ओवरफ्लो से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि जिला योजना में इसका पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा गया है।
सुमाड़ी में टैंकर से भेजा पानी
श्रीनगर। बुघाणी के समीप ही स्थित हरकंडी और सुमाड़ी गांव में भी पेयजल किल्लत हो गई है। जल संस्थान ने शुक्रवार को यहां टैंकर भेजकर जलापूर्ति की। बढ़ती गर्मी में हरकंडी-सुमाड़ी पेयजल योजना का स्रोत सूख गया है। गांवों में पानी नहीं आने की शिकायत ग्रामीणों ने जिला कंट्रोल रूम में दर्ज कराई। उसके बाद संस्थान ने सुमाड़ी में टैंकर भेजा। अपर सहायक अभियंता जेठूड़ी ने बताया कि जरूरत के हिसाब से गांवों में टैंकर भेजे जाएंगे।
आईटीआई के आरबीएफ से जलोत्सारण कम हुआ
श्रीनगर। आईटीआई के नीचे अलकनंदा किनारे जल संस्थान का आरबीएफ (रीवर बेड फिल्टर) नलकूप से पानी का डिस्चार्ज कम हो गया है। भूजल स्तर गिरने से डिस्चार्ज 700 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) से घटकर 400 एलपीएम पहुंच गया है। पानी का दबाव कम होने से नलकूप की मोटर बार-बार फूंक रही है। माना जा रहा है कि श्रीनगर जल विद्युत परियोजना की नहर में बार-बार पानी रोकने से अलकनंदा नदी के भूमिगत जल स्तर गिर गया है। इससे नलकूप के स्रोत पर पानी की मात्रा कम हो गई है। इस नलकूप से उफल्डा, शक्ति विहार और आंचल डेरी में जलापूर्ति होती है।