विकास कार्यों और घोषणाओं की समीक्षा न होने पर सीएम आवास के समक्ष एक महीने के अंदर भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी गई है। ये बातें लैंसडौन विधायक दिलीप रावत ने जीएमवीएन गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान कही गई।
विधायक ने मुख्यमंत्री हरीश रावत पर लैंसडौन विधानसभा क्षेत्र की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके द्वारा की गई लैंसडौन के विकास की घोषणाएं झूठ का पुलिंदा बन कर रह गई हैं। कहा कि उनके द्वारा सीएम से मिलकर क्षेत्र के विकास की 12 घोषणाएं करवाई गई थीं। इसमें से एक पर भी काम नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि लैंसडौन में पॉलीटेक्निक खोले जाने, लैंसडौन में राज्य सरकार का चिकित्सालय खोले जाने, नगर के आसपास कृत्रिम झील के लिए बजट देने, लैंसडौन से नैनीताल के लिए भवाली डिपो की बस सेवा चालू करने के अलावा कोटद्वार-लैंसडौन रूट पर दो अन्य रोडवेज की बस सेवा चलाए जाने, रैतपुर, ताल चिनाब, दियोड़ में तीन पुल बनाए जाने, हल्दूखाल इंटर कॉलेज में विज्ञान कक्षा खोले जाने, कमंदा-छिनखाल रोड बनाए जाने की घोषणाएं शुरुआती चरण में भी नहीं आ सकी हैं। इन घोषणाओं की पत्रावली तक नहीं बन सकी है। इससे जनता में सरकार के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। इस मौके पर भाजपा के सूर्यदेव शाह विपिन धस्माना और दिगंबर रावत आदि थे।