हनुमंती-चंडा-मांडई मोटर मार्ग की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। स्थिति यह है कि मार्ग पर हाल ही में बनाए गए पक्के पुश्ते पहली बरसात में ही ध्वस्त हो गए हैं। ग्रामीणों ने विभाग से मानकों के अनुरूप कार्य करने की मांग उठाई है।
दुगड्डा ब्लाक के अंतर्गत गैनोली, अमतोला, सैलानी, कोलीगांव, पुरानकोट, दूणी, चंडा, बिजनूर, मांडई, बड़ोलगांव, धूरा आदि गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए शासन ने वर्ष 2005 में 10 किमी हनुमंती-चंडा-मांडई मोटर मार्ग के निर्माण के लिए नाबार्ड से 139 लाख की धनराशि स्वीकृत की। कोली गांव तक करीब आठ किमी सड़क का कटान हो चुका है। मार्ग पर वर्तमान में फेज टू में पुश्ते, स्क्रपर, डाट पुलिया आदि का निर्माण कार्य जारी है। कोलीगांव के कुंडरौला के निकट चंद माह पहले सड़क की सुरक्षा के लिए बनाए गए पक्के पुश्ते पहली बरसात में ही ढहने लगे हैं, जिससे मार्ग कई स्थानों पर संकरा हो गया है और वाहनों और राहगीरों की आवाजाही के लिए खतरा बना हुआ है।
सड़क की बदहाली को लेकर ग्राम पंचायत कोली के प्रधान अजय कुमार भट्ट, उप प्रधान सुनील भट्ट, ग्रामीण कृपाराम भट्ट, विजय लक्ष्मी, हेमंत, प्रदीप आदि ने कार्यदायी संस्था लोनिवि से सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जनहित में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए सड़क को टिकाऊ बनाने की मांग की है।
हनुमंती-चंडा-मांडई मोटर मार्ग पर फेज टू में पुश्ते, स्क्रपर, डाट पुलिया आदि का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। बरसात के दौरान निर्माण कार्य के क्षतिग्रस्त होने की जांच की जाएगी। जांच में लापरवाही पाए जाने पर ठेकेदार को पुन: निर्माण कार्य करवाने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
.सुधीर नैथानी, सहायक अभियंता लोनिवि दुगड्डा।