यमकेश्वर विधानसभा और द्वारीखाल विकासखंड के ग्रामसभा भलगांव के भातड़ी गांव के लोग उनके गांव के लिए सड़क स्वीकृत न करने पर भड़के हुए हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उनके गांव के लिए सड़क स्वीकृत न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। कहा कि राज्य सरकार ने हाल में यमकेश्वर विधानसभा में मदनपुर से नागली मंदिर तक सड़क निर्माण की स्वीकृति दी है। यदि यह सड़क दो किमी और आगे भातड़ी गांव तक स्वीकृत कर दी जाती तो उनके गांव को भी सड़क सुविधा का लाभ मिल जाता। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पर उनके गांव की उपेक्षा का आरोप लगाया।
भातड़ी गांव के निवासी पूर्व सैनिक नरेंद्रनाथ, शिवचंद नाथ, आनंद सिंह, चंदन सिंह और रणजीत सिंह समेत अन्य ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उनके गांव को अभी तक सड़क सुविधा से न जोड़ने पर भारी नाराजगी जताई है। कहा कि गांव में सड़क सुविधा न होने के कारण गांव के 22 से अधिक परिवार पलायन कर गए हैं। सरकार ने डाडामंडी से मदनपुर तक पांच किमी सड़क तो बना दी, लेकिन इससे आगे तीन किमी पर स्थित भातड़ी गांव आज तक सड़क सुविधा से वंचित है। कहा कि बीते माह राज्य सरकार ने मदनपुर के पास वनकंडी स्कूल से नागली मंदिर तक करीब एक किमी की स्वीकृति दी है, जिससे उनके गांव के लिए पैदल दूरी भी कम हुई है। ग्रामीण अब नागली मंदिर से आगे गांव तक के लिए दो किमी की स्वीकृति दिलाने की मांग कर रहे हैं।
वर्तमान में वनकंडी स्कूल से नागली मंदिर तक करीब एक किमी नई सड़क की मंजूरी मिली है। इसका लाभ भी भातड़ी के ग्रामीणों को मिलेगा। इससे आगे दो किमी सड़क निर्माण कर भातड़ी गांव को सड़क से जोड़ने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
भातड़ी गांव को सड़क से जोड़ने के लिए विभाग के पास वर्तमान में कोई प्रस्ताव नहीं है। जनप्रतिनिधियों की ओर से प्रस्ताव मिलने पर आगणन तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।