कोटद्वार। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर ग्राम प्रधान संगठनों ने बुधवार को दस सूत्री मांगों को लेकर दुगड्डा, द्वारीखाल, जयहरीखाल, रिखणीखाल, नैनीडांडा और बीरोंखाल ब्लॉक मुख्यालयों में सांकेतिक तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। प्रधानों ने बीडीओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की।
दुगड्डा के साझासैंण स्थित ब्लॉक मुख्यालय में प्रधान संगठन अध्यक्ष सरदार सिंह नेगी के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। प्रधानों ने सांकेतिक तालाबंदी कर सरकार से मांगों पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान सरिता रावत, रजनी देवी और रेखा रावत आदि मौजूद रहीं।
द्वारीखाल में अध्यक्ष विजेंद्र रावत के नेतृत्व में तालाबंदी की गई। इस दौरान हनुमान सिंह, मोहन सिंह रावत, सुरेश सिंह, तीरथ सिंह, आरती देवी, मीनाक्षी देवी और ऊषा देवी आदि मौजूद रहे। नैनीडांडा में अध्यक्ष मनोज मधवाल के नेतृत्व में धरना दिया गया। उन्होंने कहा कि मांगों पर निर्णय होने तक प्रदेशव्यापी आंदोलन जारी रहेगा।
बीरोंखाल में अध्यक्ष संदीप गुसाईं के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। प्रधानों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और ग्राम पंचायतों के कार्यों के संचालन में आ रही समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाना जरूरी है। प्रदर्शन में प्रवेंद्र सिंह, देवपाल सिंह, रविंद्र सिंह बिष्ट, देवेंद्र सिंह नेगी, मनोज कुमार, विनीता, संगीता, विद्या देवी, हरदयाल सिंह, कर्नल यशपाल नेगी, अनिल कुमार और दर्शन सिंह समेत कई प्रधान मौजूद रहे।
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ये हैं प्रमुख मांगें
प्रधानों ने ग्राम प्रधानों को 20 हजार रुपये मासिक मानदेय देने, वीबीजीरामजी योजना में श्रमिकों की उपस्थिति ऑफलाइन करने, अकुशल मजदूरी 600 और कुशल मजदूरी 800 रुपये प्रतिदिन, राज्य और केंद्रीय वित्त की धनराशि जनसंख्या व भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर बढ़ाने, पंचायती राज अधिनियम में पारित सभी 29 विभाग ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने