भाबर के किशनपुर में आयोजित रामलीला मंचन के सातवें दिन राम-भरत मिलाप और सूपर्णखा के नाक काटने तक की लीला का मंचन किया गया। इस अवसर पर राम-भरत मिलाप देखकर दर्शक भावुक हो पड़े।
रामलीला मंचन के सातवें दिन का शुभारंभ मुख्य अतिथि कलालघाटी चौकी इंचार्ज कमलेश शर्मा ने किया। रामलीला मंचन में अयोध्या से भरत श्रीराम से मिलने के लिए चित्रकूट पहुंचते हैं। भरत राम को अयोध्या वापस चलने के लिए आग्रह करते हैं लेकिन राम अपनी बात पर अटल रहते हैं। भरत श्रीराम के खड़ाऊ लेकर अयोध्या लौट जाते हैं और उन्हें श्रीराम का प्रतीक मानकर निर्लिप्त भाव से अयोध्या में सेवा करने का प्रण करते हैं। इधर, राम वन में पंचकुटी की ओर प्रस्थान करते हैं। इसके बाद सूपर्णखा की ओर से पंचवटी में राम एवं लक्ष्मण के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखना और लक्ष्मण की ओर से सूपर्णखा की नाक काटने की लीला का मंचन किया गया।