कोटद्वार। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के नेतृत्व में शुक्रवार देर शाम को झंडा चौक पर रामपुर तिराहा कांड में शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में आंदोलनकारियों के चित्रों पर माल्यार्पण करने के साथ दीपदान किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शहीदों को नमन करते हुए उत्तराखंड के सपनों का राज्य बनाने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि एक अक्तूबर 1994 की मध्यरात्रि को दिल्ली रैली में शामिल होने जा रहे उत्तराखंड आंंदोलनकारियों के साथ मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर हुई घटना राज्य आंदोलन के इतिहास का दुखद अध्याय है। उन्होंने कहा कि इस घटना में हत्याओं के साथ महिलाओं से दुष्कर्म और छेड़खानी के आरोप भी सामने आए थे। इन मामलों में आंदोलनकारी संगठन लंबे समय से मुजफ्फरनगर और नैनीताल हाईकोर्ट में न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं।
वक्ताओं ने कहा कि कुछ मामलों में दोषियों को सजा मिली है, लेकिन सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी नहीं किए जाने से आंदोलनकारियों में रोष है। उन्होंने कहा कि शहीदों और आंदोलनकारियों को न्याय दिलाना उत्तराखंड के स्वाभिमान से जुड़ा विषय है।
कार्यक्रम का संयोजन महानगर अध्यक्ष भारत मोहन काला ने किया। इस दौरान महेंद्र सिंह रावत, सत्य प्रकाश भारद्वाज, हरीश द्विवेदी, सत्यपाल नेगी, गुलाब सिंह रावत, उम्मेद सिंह भंडारी, रवींद्र सौंद, पुष्कर सिंह रावत, हरीश चंद्र ध्यानी, भगवती प्रसाद कंडवाल, नरेश धस्माना, राजेश बुड़ाकोटी, सीमा बिष्ट, अर्चना दुदपुड़ी, देवेश्वरी, शोभा भंडारी मौजूद रहे।