दुगड्डा ब्लाक के घाड़ क्षेत्र के पुलिंडा गांव में खाई के समीप एक खेत के धंसने से वहां बैठे दो किशोर करीब पांच सौ फीट गहरी खाई में जा गिरे। सूचना मिलते ही गांव के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद दोनों घायलों को चारपाई की मदद से सड़क तक लाया गया।
कोटद्वार-पुलिंडा मार्ग के गौचट्टा में बंद होने से दोनों घायलों को कई किमी पैदल लाना पड़ा। गौचट्टा में 108 एंबुलेंस में दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद देर शाम कोटद्वार के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान गंभीर घायल एक किशोर ने दम तोड़ दिया।
घटना शाम करीब साढ़े तीन बजे की बताई जा रही है।
प्रधान जयमल सिंह नेगी ने बताया कि गांव के दो किशोर रामणी और पुलिंडा के बीच खेत में बैठकर पशुओं को चुगा रहे थे। इसी बीच खाई की ओर से जबरदस्त भूस्खलन हुआ और दोनों किशोर करीब पांच सौ फीट गहरी खाई में जा गिरे।
ग्रामीणों को दोनों घायलों को तलाशने में दो घंटे से ज्यादा वक्त लग गया। हादसे में तीरथ सिंह (17) पुत्र स्व. राजेंद्र सिंह निवासी ग्राम पुलिंडा की मौत हो गई, जबकि उसका साथी संजय सिंह नेगी (16) पुत्र अशोक सिंह निवासी ग्राम पुलिंडा घायल हो गया।
ग्रामीणों ने बताया कि जैसे-तैसे चारपाई में लिटाकर घायलों को गांव की सड़क तक लाया गया। गौचट्टा के पास कोटद्वार-पुलिंडा मार्ग के बंद होने से उन्हें पैदल ही लाना पड़ा। ग्रामीणों की सूचना पर कोटद्वार से 108 एंबुलेंस गांव के लिए रवाना हुई, लेकिन गौचट्टा के पास सड़क टूटने से आगे नहीं बढ़ सकी।
यहां पर चट्टान टूटने से बंद पड़े मार्ग को ग्रामीणों ने किसी तरह पार किया और घायलों को एंबुलेंस तक पहुंचाया। रात करीब आठ बजे दोनों घायलों को कोटद्वार के सरकारी अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान तीरथ सिंह ने दम तोड़ दिया।
घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने तीन दिन से बंद सड़क के नहीं खुलने पर भारी रोष जताया। उनका कहना था कि यदि सड़क खुली रहती तो गंभीर घायल को शायद पहले अस्पताल तक पहुंचाया जा सकता।