कोटद्वार कोतवाली में हत्याकांड के बारे में जानकारी हासिल करते मृतक शेखर ढौंडियाल के परिजन।
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कोटद्वार। कोटद्वार के सिमलचौड़ में शिव केबल नेटवर्क के कंट्रोल रूम में गत 13 अगस्त को दिनदहाड़े हुई देहरादून के शेखर चंद्र ढौंडियाल की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्याकांड को अंजाम देने वाले दो शूटरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा और पिस्टल भी बरामद की है। पुलिस ने उन्हें यहां एसीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें पौड़ी जेल भेज दिया गया है। एसएसपी ने बताया कि पौड़ी जेल में बंद बदमाश रूपेश त्यागी, नरेंद्र वाल्मीकि और सुरेंद्र सिंह सूरी ने केबल कारोबारियों से रंगदारी वसूलने के इरादे से हत्या कराई है।
बुधवार को यहां कोतवाली में पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डीएस कुंवर ने बताया कि पुलिस टीमों ने इस मामले के खुलासे के लिए कड़ी मशक्कत की। सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य संकलन करने के बाद जब घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल की पहचान की गई तो उसके तार लक्सर क्षेत्र से जुड़े मिले। जांच में पता चला कि हत्या में प्रयुक्त बाइक मंगलौर क्षेत्र में दो अगस्त को लूटी गई थी। लुटेरों का हुलिया और कोटद्वार में हत्याकांड को अंजाम देने आए बदमाशों का हुलिया काफी मिलता जुलता पाया गया। हत्यारे वारदात को अंजाम देने के बाद भूमिगत हो गए थे। हरिद्वार, देहरादून और बिजनौर जिलों में फैलाए गए मुखबिरों के जाल और पुलिस टीमों से प्राप्त जानकारी के आधार पर कोतवाल मनोज रतूड़ी की टीम ने बिजनौर जिले के मंडावली तिराहे पर बाइक सवार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। हत्यारोपियों की पहचान भारतवीर पुत्र कर्णपाल और मोनू मलिक पुत्र यशपाल दोनों निवासी नारसन कला बड़ी थाना मंगलौर जिला हरिद्वार के रूप में की गई।
एसएसपी ने बताया कि हत्याकांड को पौड़ी जेल में बंद बदमाश रूपेश त्यागी, नरेंद्र वाल्मीकि और सुरेेंद्र सिंह नेगी उर्फ सूरी ने कोटद्वार के केबल कारोबारियों से रंगदारी वसूलने के लिए धमकाने के उद्देश्य से अंजाम दिलाया है। दोनों हत्यारोपी 21 जून, 2016 को उन्हें पौड़ी जेल में मिलने गए थे। तभी उन्होंने कोटद्वार क्षेत्र में केबल का काम करने वाले कारोबारियों से रंगदारी वसूलने और धमकाने के लिए उनके प्रतिष्ठान पर फायरिंग के निर्देश दिए थे। हत्यारोपी मोनू मलिक का हरिद्वार और उत्तर प्रदेश में पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। एसएसपी ने कहा कि मामले की विवेचना चल रही है। इसमें शामिल सभी अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में भी कार्रवाई की जाएगी। हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को डीजीपी, आईजी गढ़वाल और एसएसपी पौड़ी की ओर से इनाम दिया जाएगा।