लैंसडौन वन प्रभाग के अंतर्गत दुगड्डा-लैंसडौन मोटर मार्ग पर कलढुंगा गांव के पास एक गुलदार सड़क किनारे पड़े टेलीफोन के तारों में फंस गया। करीब बारह घंटे बाद ट्रेंकुलाइज गन से गुलदार को तारों से मुक्त कराकर वन कर्मियों की टीम चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर ले गई है।
रविवार सुबह करीब छह बजे धोबीघाट के निकट कलढूंगा गांव के ग्रामीणों को गुलदार की दहाड़ सुनाई दी तो उन्होंने देखा कि सड़क किनारे एक गुलदार टेलीफोन की तारों में बुरी तरह उलझा पड़ा था। घटना की सूचना वन विभाग के कर्मचारियों और आला अधिकारियों को दी गई।
सूचना मिलते ही लैंसडौन, दुगड्डा और कोटद्वार से वन अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएफओ लैंसडौन मयंक शेखर झा ने कार्बेट नेशनल पार्क रामनगर से गुलदार को बेहोश करने के लिए ट्रेंकुलाइज गन और कार्बेट के डा. दुष्यंत कुमार को बुलाया।
वन विभाग के कर्मचारियों और डाक्टरों की टीम ने गुलदार को बेहोश कर उसे तारों के फंदे से मुक्ति दिलाई। गुलदार की उम्र करीब चार से पांच साल के बीच बताई गई है। वन विभाग उसे चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर ले गया है। डीएफओ मयंक शेखर झा ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
वन विभाग की रेस्क्यू टीम में एसडीओ कोटद्वार जीसी वेदवाल, लैंसडौन के रेंजर जगपाल सिंह, रेंजर दुगड्डा आरके बत्रा, रेंजर कोटद्वार एसपी कंडवाल, डिप्टी रेंजर अनुराग जुयाल समेत कई कर्मचारी शामिल थे।