चतुर्थ राज्य वित्त आयोग की पहल पर आयोजित नगर निकाय के प्रतिनिधियों की सुनवाई बैठक में ट्रैंचिंग ग्राउंड नहीं होने पर कूड़ा निस्तारण में आ रही समस्या को प्रमुखता से उठाया गया।
विकास भवन सभागार में हुई बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम ने पौड़ी शहर में पर्यटकों की सुविधा के लिए व्यू प्वाइंट और गेस्ट हाउस निर्माण पर जोर दिया। कहा कि शहर में ट्रैंचिंग ग्राउंड नहीं होने से कूड़ा निस्तारण में दिक्कतें आ रही है। नगर निकायों में ट्रैंचिंग ग्राउंड के निर्माण के लिए ठोस नीति बननी चाहिए।
श्रीनगर के पालिका अध्यक्ष विपिन मैठाणी ने बजट की कमी से वेतन और पेंशन भुगतान में आ रही दिक्कतें उठाई। आयोग से इस मद में शासन से दी जाने वाली राशि को पांच गुना करने की मांग की। कोटद्वार की पालिकाध्यक्ष रश्मि राणा ने नगर निकायों के बजट में बढोत्तरी की मांग उठाई।
दुगड्डा के पालिका अध्यक्ष दीपक बडोला ने कर्मियों की नियुक्ति नियमावली में संशोधन पर जोर दिया। जौंक की नगर पंचायत अध्यक्ष शकुंतला देवी ने कहा कि उनके यहां 13वें और 14 वें वित्त में बजट नहीं मिल पा रहा है।
बैठक में नगर निकायों में जेई, गैंग मैन, सफाई कर्मी, लाइन मैन की नियुक्ति करने, शरदोत्सव, ग्रीष्मोत्सव आदि के आयोजन के लिए राज्य वित्त आयोग से बजट देने की भी मांगें उठाई गई। इस मौके पर डीपीआरओ सुरेंद्र नाथ, अधिशासी अधिकारी महेंद्र यादव, अमरजीत कौर, हर्षवर्द्धन सक्सेना आदि मौजूद थे।
शासन समक्ष रखे जाएंगे सुझाव
चतुर्थ वित्त आयोग के सदस्य सीएमएस बिष्ट ने कहा कि सुनवाई बैठक में नगर निकायों के जनप्रनिधियों की ओर रखे गए सुझावों को शासन के समक्ष रखा जाएगा। आयोग के सदस्य अविकल थपलियाल ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की ओर से प्रस्तुत सुझाव और समस्याओं को लेकर आयोग की संस्तुति 31 मई से पहले राज्यपाल को प्रस्तुत की जाएगी।