मैदानी क्षेत्रों में घने कोहरे ने जहां ठिठुरन बढ़ा दी है। वहीं ट्रेनों की रफ्तार भी धीमी कर दी है। दिल्ली से नजीबाबाद होते हुए कोटद्वार आने वाली मसूरी एक्सप्रेस सोमवार सुबह निर्धारित समय से दो घंटे बीस मिनट देर से पहुंची। इससे रेल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार को भी मसूरी एक्सप्रेस पचास मिनट लेट हुई थी। आने वाले दिनों में कोहरे का कहर और बढ़ने की आशंका है। इसका असर रेल ही नहीं सड़क यातायात पर भी पड़ सकता है। ऐसे में यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में विलंब हो रहा है।
मैदानी क्षेत्रों में फैले घने कोहरे का असर गढ़वाल क्षेत्र में भी दिखने लगा है। एनसीआर दिल्ली और यूपी क्षेत्र में घने कोहरे के कारण मसूरी एक्सप्रेस सोमवार को कोटद्वार स्टेशन पर सुबह छह बजे के बजाय आठ बजकर 25 मिनट पर पहुंची। दिन में कोहरा छटने के कारण गढ़वाल एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर पहुंची। आने वाले दिनों में गढ़वाल एक्सप्रेस पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है।
आने वाले कई दिनों तक ट्रेनों के समय में अनिश्चितता बने रहने की संभावना है। कोटद्वार भाबर समेत समूचा मैदानी इलाका सुबह के समय कोहरे की चपेट में हैं। सुबह आठ बजे तक पूरा क्षेत्र कोहरे से ढका रहता है। करीब दस बजे के आसपास हल्की धूप खिलने लगी। दोपहर को कुछ देर तक धूप खिलने से कुछ राहत रही। मगर शाम को फिर ठंड का असर बढ़ गया। आने वाले दिनों में कोहरे के और घना होने के आसार हैं। मध्य दिसंबर से जनवरी दूसरे सप्ताह तक कोटद्वार क्षेत्र कोहरे की चपेट में रहता है।
नजीबाबाद से लेकर पूरे एनसीआर दिल्ली तक घना कोहरा लगा है। इससे ट्रेनों के आवागमन में दिक्कत आ रही है। कोहरे के कारण कई जगह पर ट्रेन रोकनी पड़ रही है। कोहरे से जम्मू, देहरादून से आने जाने वाली सभी ट्रेन चार से पांच घंटे लेट चल रही हैं।
- एसके पांडे, स्टेशन अधीक्षक कोटद्वार