रिखणीखाल ब्लॉक के धामधार गांव में आयोजित गोष्ठी में ग्रामीणों को मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण
वन्य जीवों से बचाव के लिए समूह में करें आवाजाही, रात को भी करें उजाला
जंगल से सटी हुई बटिया का प्रयोग करते समय समूह में आवाजाही करने की अपील
धामधार गांव में आयोजित गोष्ठी में बोलीं एसडीओ, लोगों से की सहयोग की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। कालागढ़ टाइगर रिजर्व (केटीआर) वन प्रभाग, लैंसडौन के अदनाला रेंज की ओर से रिखणीखाल ब्लॉक के ग्राम धामधार में मानव वन्य जीव संघर्ष न्यूनीकरण के संबंध में एक सुरक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया।इस मौके पर ग्रामीणों से आवाजाही में सतर्कता बरतने के साथ ही वन्यजीवों से बचाव के लिए वन विभाग को सहयोग देने की अपील की गई। सुरक्षा गोष्ठी में अदनाला उप प्रभाग की उप प्रभागीय वनाधिकारी शिप्रा वर्मा ने स्थानीय ग्रामीणों को मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कहा कि रात को घर व शौचालय के बाहर पर्याप्त रोशनी रखें। जंगल से सटी हुई बटिया का प्रयोग करते समय समूह में आवाजाही करें। घर में छोटे बच्चों एवं बुजर्गों का विशेष ध्यान रखते हुए उन्हें सुबह एवं शाम को अनावश्यक बाहर न निकलने दें।वन्यजीवों के व्यवहार के प्रति भ्रामक स्थिति न फैलाएं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे विभाग को मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण में अपना पूर्ण सहयोग करें। उप प्रभागीय वनाधिकारी ने ग्रामीणों से अपने घरों के आसपास की झाड़ियों को साफ करने की अपील भी की। बताया कि ऐसा करने से वन्यजीव झाड़ियों में नहीं छिप सकेंगे। गोष्ठी में ग्राम प्रधान सूर्यपाल सिंह ने मानव-वन्यजीव संघर्ष के न्यूनीकरण के लिए विभाग को ग्राम के चारों ओर फैली लैंटाना झाड़ियों को उखाड़ने, रास्तों पर सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाने व जंगली जानवरों से उनकी फसलों की सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग (तारबाड़) लगाने का प्रस्ताव सौंपा। सुरक्षा गोष्ठी में अदनाला के रेंजर हरेंद्र रावत, वन दारोगा सुरेंद्र सिंह, वन आरक्षी शिक्षा बहुगुणा, सोनम बिष्ट, हेमंत सिंह, नरेंद्र सिंह, गुड्डी देवी, ग्रामीण अव्वल सिंह राणा, अशोक कुमार, सरिता देवी, हरेंद्र सिंह रावत, सुशीला रावत, जीएस रावत, आनंद पाल नेगी, दर्शन सिंह, उषा रावत, शोभा देवी आदि मौजूद रहे।