कोटद्वार। लैंसडौन वन प्रभाग की लालढांग रेंज से सटे दुगड्डा ब्लाॅक के अंतर्गत मुणगांव व नाड़ी काटल तोक गांव में बाघ व भालू की दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों ने विभागीय बजट से दो किमी पैदल रास्तों की झाड़ी कटवाने, जंगली जानवरों से सुरक्षा प्रदान करने व नाड़ी काटल तोक में रह रहे अकेले परिवार के लिए दो सोलर लाइटें उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने इस संबंध में डीएफओ को ज्ञापन सौंपा है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में कहा कि ग्राम मुणगांव में पिछले दो माह से बाघ व भालू की दहशत बनी हुई है। कहा कि गांव से 15-16 छात्र-छात्राएं रोजाना पढ़ने के लिए पैदल 7 किमी. दूर जीआईसी भृगुखाल जाते हैं। पैदल रास्ते में झाड़ियां अधिक होने के कारण जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है। अभिभावकों को अपने बच्चों को नजदीकी दूसरे गांव तक छोड़ने जाना पड़ रहा है। वहीं नाड़ी काटल तोक गांव में एक ही मकान बना हुआ है। ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व प्रधान रमेश चंद्र, चंद्रमोहन गौड़, गणेश चंद्र, विकास चंद्र, आरती देवी, रिंकी देवी, सुनील, कृष्णमोहन आदि शामिल रहे। संवाद