उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने एक सूत्री मांग को लेकर कार्यबहिष्कार करते हुए तहसील में धरना दिया। कर्मचारियों ने एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी के विरुद्ध जांच के आदेश वापस लेने की मांग की और सीएम को ज्ञापन भेजा। चेतावनी दी यदि सरकार ने तत्काल जांच पर रोक नहीं लगाई तो संगठन के सभी कर्मचारी सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे।
शुक्रवार को उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन से जुड़े विभिन्न विभागों के कर्मी तहसील में एकत्र हुए और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष पर मनगढंत आरोप लगाते हुए उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रदर्शन करने वालों में कोटद्वार शाखा के कार्यकारी अध्यक्ष संतन सिंह रावत, अध्यक्ष डा. महावीर सिंह बिष्ट, डा. योगेश रूबाली, पुष्कर सिंह, प्रवीन सिंह, राकेश सिंह, प्रदीप डोबाल, चेतन, रमेश कठैत, मैत्री धूलिया, प्रवीन सुंद्रियाल, नागेंद्र प्रसाद, अनवर, मंजू शर्मा शामिल रहे।
रुद्रप्रयाग तहसील में एसोसिएशन के ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मी नेगी व गंगाराम सकलानी के नेतृत्व में शिक्षक-कर्मचारियों ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इस मौके पर महामंत्री शीशपाल सिंह पंवार, राजीवलोचन राणा, राम सिंह, दुर्गा प्रसाद भट्ट, रणवीर सिंधवाल, नवल किशोर सेमवाल, रवींद्र नेगी, अनंतपाल कप्रवाण, नीलम नेगी, लीला सेमवाल, कलावती नेगी शामिल थे। ऊखीमठ में ब्लॉक अध्यक्ष अव्वल सिंह राणा के नेतृत्व में ब्लॉक कार्यकारिणी ने तहसील मुख्यालय में सांकेतिक धरना दिया। इस मौके पर नारायण दत्त जुयाल, सुषमा नौटियाल, प्रेम सिंह राणा, वंशीधर गौड़, शैलेंद्र चौहान, जयकृत रावत, सतीश भट्ट, देवेश देवशाली, कुलदीप नेगी, महेंद्र असवाल आदि थे। जखोली में भी कर्मियों ने तहसील में धरना दिया।
श्रीनगर में एसोसिएशन के शाखा अध्यक्ष जसपाल गुसांई, महामंत्री मनोज भंडारी, श्रीकृष्ण उनियाल, एसपी नौटियाल, देवानंद बहुगुणा, अमित रावत, सौरभ, कुलदीप व शंकर कैंथोला ने कहा कि यदि सरकार अपना निर्णय वापस नहीं लेती तो आर पार की लड़ाई की जाएगी।