कोटद्वार। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के आदेशों के क्रम में बृहस्पतिवार को जनपद पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार क्षेत्र में पैन इंडिया कार्यक्रम के तहत बाल श्रमिकों की पहिचान और उन्हें मुक्त करने के लिए अभियान चलाया गया। इसके तहत तीन बच्चों को किशोर श्रम के तहत चिह्नित किया गया। अभियान में जनपद के बाल कल्याण समिति, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय सहित आठ विभागों के अधिकारी कर्मचारी शामिल रहे।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी मोनिका चिलवाल के नेतृत्व में टीम ने पटेल मार्ग, बस अड्डा, मालिनी मार्केट, बदरीनाथ मार्ग आदि जगहों पर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व होटलों में छापे मारे गए। जिसमें तीन बच्चों को किशोर श्रम के अंतर्गत चिह्नित किया गया। कहा कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। शिक्षा विभाग की ओर से टीम में शामिल खंड शिक्षा अधिकारी दुगड्डा अमित चंद ने बताया कि अभियान के दौरान एक ऐसा बच्चा भी पाया गया जो स्कूल न जाकर, स्कूल समय में लिफाफे की गड्डी बेच रहा था। उन्होंने तत्काल संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक को मौके पर बुलाकर उनके साथ बच्चे को स्कूल भेजा और निर्देश दिया गया कि उक्त बालक के घर जाकर अभिभावकों को समझाया जाए।
उधर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की प्रभारी एसआई सुमनलता ने बताया कि यदि कोई संस्थान किसी नाबालिग से बाल श्रम करवाता है, तो उसके खिलाफ बाल श्रम निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाता है और जेल की भी सजा होती है। उन्होंने कहा हर कोई संस्थान बालश्रम से संबंधित बातों का ध्यान रखे। अभियान के दौरान टीम के सदस्यों ने जागरूकता पंफलेट भी वितरित किए। टीम में बाल कल्याण समिति के सदस्य राकेश चंद्र बिडालिया, विमल ध्यानी, सहायक पर्यटन अधिकारी कोटद्वार मुकुल राठी, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. अरिहंत सैनी, डीईपीयू पौड़ी से पूजा असवाल, चाइल्ड हैल्पलाइन यूनिट (सीएचएल) से धर्मेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल विद्या मेहता आदि शामिल रहे।