दशहरा की छुट्टी खत्म होने और शादी बरात के सीजन में दिल्ली समेत मैदानी रूटों की बसों में सीट को लेकर मारामारी मची रही। दशहरा पर्व के बाद लगातार दूसरे दिन कोटद्वार रोडवेज डिपो के बाहर बसों की प्रतीक्षा में यात्रियों की काफी भीड़ रही। लंबी प्रतीक्षा के बाद पहुंचने वाली बस में सवार होने तक का मौका कई यात्रियों को नहीं मिल पा रहा था।
कोटद्वार में रेलवे स्टेशन और रोडवेज डिपो के नए भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का समय होने पर ही हल्की चहल-पहल रहती है, जबकि रोडवेज डिपो के बाहर बसों की प्रतीक्षा में हर समय लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है।
विजय दशमी के बाद लगातार दूसरे दिन भी ऐसा ही हुआ। सोमवार को भी सैकड़ों लोग बसों की प्रतीक्षा में खड़े थे। लोगाें को गंतव्य तक पहुंचने के लिए बसें उपलब्ध नहीं हो पा रही थीं। कुछ बसों में ऑनलाइन सीट बुक होने और कुछ में क्षमता से ज्यादा लोगों की भीड़ पहुंचने से लोगों की प्रतीक्षा काफी लंबी हो गई थी। कई यात्रियों ने बताया कि वे नवरात्रि व दशहरा पर्व के लिए पहाड़ में अपने गांव आए थे।
वापसी में दिल्ली रूट की बसों में मारामारी मची है। रोडवेज की ओर से बसों की संख्या न बढ़ाए जाने से लोगों को निजी वाहनों से महंगे किराए पर यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
रेलवे स्टेशन चौराहे पर नहीं खड़ी होंगी तीन से ज्यादा बसें
कोटद्वार बस स्टेशन पर जाम की स्थिति को देखते हुए यातायात पुलिस की ओर से डिपो प्रशासन को तीन से ज्यादा बसों को सड़क पर खड़ी नहीं करने के लिए कहा जा चुका है। इसके बावजूद स्थानीय डिपो के अलावा बाहरी डिपो की भी बसों के पहुुंचने से दिन में कई बार जाम की स्थिति बनी। बाजार चौकी पुलिस ने भी जाम खुलवाने की कोशिश की, लेकिन जीएमओयू की बसों का आवागमन होने और स्थानीय यातायात का भी दबाव होने के कारण दिन में कई बार रुक-रुककर जाम लगता रहा। यातायात निरीक्षक अनुराग कुमार ने मौके पर पहुंचकर न केवल जाम खुलवाया, बल्कि नो पार्किंग में खड़े दो व्यावसायिक समेत पांच वाहनों के चालान भी किए।