कोटद्वार। सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना ने शुक्रवार को नगर निगम के सभागार में विभागीय अधिकारियों, प्रतिनिधियों, सफाई कर्मचारियों एवं पर्यावरण मित्रों की बैठक ली। इस मौके पर सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई। जिसमें से कुछ समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर दिया गया है।
बैठक में स्थायी सफाई कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारियों ने पर्यावरण मित्रों को भी श्रम मानकों के अनुसार साप्ताहिक अवकाश और कर्मचारी राज्य बीमा का लाभ देने की मांग उठाई। कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने प्रभारी पर्यावरण पर्यवेक्षक रणजीत सिंह की बहाली का अनुरोध किया। उन्होंने कौड़िया स्थित बीईएल रोड चौराहे पर वाल्मीकि सामुदायिक भवन बनाने की मांग भी की। राज्यमंत्री ने नगर आयुक्त वैभव गुप्ता को निर्देश दिए कि अब नगर निगम बन चुका है। ऐसे में क्षेत्रफल के हिसाब से सफाई कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाए।
उन्होंने निगम के ढांचे के गठन के लिए बोर्ड में प्रस्ताव पास कराकर इसे शासन को भेजने के निर्देश दिए। जिससे नगर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो सके और अन्य लोगों पर अनावश्यक बोझ न पड़े। उन्होंने सीवर लाइनों में कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों को सेफ्टी किट व उन्हें प्रशिक्षण देने, सभी पर्यावरण मित्रों को नमस्ते योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए की मलिन बस्तियां चिह्नित कर उनका विनियमितीकरण करने की योजना से जोड़ने के प्रयास किए जाएं।
बैठक के दौरान कुछ सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान मौत का मामला भी उठा। कर्मचारियों ने कहा कि मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। राज्य मंत्री ने मामले को सुलझाने के प्रयास करने की बात कही। उन्होंने सुपरवाइजरों की संख्या 20 से बढ़ाकर और अधिक करने को भी कहा। इस अवसर पर तहसीलदार साक्षी उपाध्याय, मुख्य सफाई निरीक्षक सुनील कुमार, लेखा लिपिक गोवर्धन जोशी, श्रम विभाग के प्रशासनिक अधिकारी कमल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सुनील भंडारी और नगर निगम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।