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Kotdwar News: शहरवासियों के लिए मुसीबत बना अधूरा निर्माण व गड्ढा

Mon, 12 Jan 2026 05:19 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
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लोगों के साथ ही मवेशियों के लिए भी बना है जानलेवा
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कोटद्वार। देवी रोड के मोटर नगर में अत्याधुनिक बस अड्डा व मॉल के निर्माण के नाम पर अधूरा निर्माण व खोदा गया गड्ढा शहरवासियों के साथ ही विचरण करने वाले मवेशियों के लिए भी मुसीबत बन गया है। नगर पालिका को नगर निगम बने भी नौ साल बीत चुके हैं लेकिन समस्या जस की तस बनी है।
पीपीपी मोड पर निर्माणाधीन मोटर नगर बस अड्डा शहरवासियों के लिए नासूर बनकर रह गया है। स्थानीय स्तर पर कई संगठन सार्वजनिक महत्व के इस बस अड्डे के मामले में मुखर होकर जल्द समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं। वरिष्ठ नागरिक संगठन, नागरिक मंच, ग्रामीण विकास नागरिक विचार मंच, स्व. सरोजनी देवी लोक विकास समिति, उत्तराखंड विकास समिति से जुडे़ पदाधिकारियों का कहना है कि नगर निगम, स्थानीय प्रशासन, जिला प्रशासन और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बस अड्डे का जल्द समाधान तलाशना चाहिए।
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वर्तमान में यहां पर हालात काफी खराब हो गए हैं। लोगों का कहना है कि अधूरे पड़े बस अड्डे वाली जमीन पर कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए कॉलम बनाकर छोड़ दिए गए हैं जिसमें सरिया बाहर निकाला गया है। इससे आम जनमानस एवं निराश्रित गोवंश के लिए खतरा बना हुआ है। चहारदीवारी नहीं होने से लोग कई बार चोटिल हो रहे हैं।

मोटर नगर में अधूरा पड़ा बस अड्डा क्षेत्रवासियों के लिए नासूर बन गया है। कई बार शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ध्यान आकृष्ट कराया गया लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। -कैप्टन सीपी डोबरियाल (रि.) (फोटो)
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मोटर नगर में बस अड्डे के लिए खोदा गया गड्डा और अधूरा निर्माण परेशानी का सबब बन गया है। 13 साल की अवधि कम नहीं होती है। यह जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत का परिणाम है।
-शोभा बहुगुणा भंडारी, अधिवक्ता (फोटो)
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बस अड्डे के नाम से अधूरा निर्माण व गड्ढे में स्थानीय लोग कचरा डालने लगे हैं। यह मवेशियों के लिए भी खतरा बना हुआ है। बरसात में यहां कचरे के साथ पानी जमा होने से दुर्गंध उठती है।
- गौरव भाटिया, देवी रोड कोटद्वार (फोटो)
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कोटद्वार का मोटर नगर बस अड्डा नगर निगम, शासन और प्रशासन की घोर उपेक्षा का उदाहरण है। इसे समतल कर देते तो कम से कम यह पूर्व की भांति वाहनों की पार्किंग के काम आता।
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- डा. शक्तिशैल कपरवाण देवीरोड कोटद्वार (फोटो)


हाईकोर्ट के निर्देश पर वर्तमान में इसका विवाद आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल की कामर्शियल कोर्ट में चल रहा है। टूटी सुरक्षा दीवार, कचरा जमा होने और अन्य नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-पीएल शाह, नगर आयुक्त नगर निगम
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