ब्लाक में सरकारी शिक्षण संस्थानों की हालत किस कदर दयनीय है। इसकी बानगी राजकीय जूनियर हाईस्कूल कांडी में देखी जा सकती है। विद्यालय की छतों से प्लास्टर झड़ रहा है। टपकती छत और रिसती दीवारों से कमरों में जलभराव हो रहा है।
राजकीय जूनियर हाईस्कूल कांडी का जर्जर भवन यहां पढ़ने वाले 61 बच्चों के लिए खतरा बना हुआ है। इन दिनों हो रही बारिश ने विद्यालय की सूरत बिगाड़ कर रख दी है। छत टपक रही हैं। कमरों में जलभराव से बच्चों का बैठने की जगह मिलना मुश्किल हो गया है, जिस दिन ज्यादा बारिश हो उस दिन तो बच्चों को छुट्टी करनी पड़ती है।
पानी आने से कमरों में रखी बेंच आदि सामान भी खराब हो रहा है। कई कमरों में सीलन आ गई है, जिससे बच्चों के बीमार होने का खतरा बना हुआ है। खास बात यह है कि इस जूनियर हाईस्कूल का वर्ष 2011 में उच्चीकरण हुआ, लेकिन हाईस्कूल के लिए अभी तक भवन नहीं बना है।
हाईस्कूल की कक्षाओं का संचालन भी इसी जर्जर भवन में हो रहा है। प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि विद्यालय भवन की हालत के बारे में उच्च अधिकारियों को पत्र के जरिए अवगत कराया गया है।
जर्जर भवन में पढ़ रहे बच्चों की जान को खतरा बना रहता है। आए दिन छुट्टी होने से बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। शिक्षा विभाग से भवन की मरम्मत की मांग की गई है।
-राधा देवी ग्राम प्रधान कांडी
फिलहाल सर्व शिक्षा अभियान के तहत बजट आवंटित नहीं हो रहा है। क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत निधि से बजट के लिए प्रयास किए जा रहे हैं ताकि विद्यालय का नया भवन बनाया जा सके।
-अमित कोटियाल खंड शिक्षा अधिकारी यमकेश्वर।