श्रीनगर। विश्व फार्मेसी दिवस पर बेस अस्पताल श्रीनगर में फार्मेसी विभाग की ओर से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अस्पताल परिसर में आयोजित संगोष्ठी में फार्मेसी विभाग के विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्ट की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही दवाइयों के सुरक्षित एवं उचित उपयोग के लिए जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि आज स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्टों की भूमिका महत्वपूर्ण है। दवाओं का सही परामर्श और उनकी उचित उपलब्धता से ही मरीजों के उपचार की सफलता सुनिश्चित होती है। उन्होंने फार्मेसी पेशे को एक सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़ा हुआ क्षेत्र बताया और छात्रों को ईमानदारी से कार्य करने का आह्वान किया। वहीं, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश रावत ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में फार्मासिस्ट न केवल दवाइयां उपलब्ध कराते हैं, बल्कि रोगियों को उनके सुरक्षित उपयोग की सही जानकारी भी देते हैं। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवा का अभिन्न हिस्सा हैं, जिनके बिना चिकित्सा व्यवस्था अधूरी है। कार्यक्रम में वरिष्ठ फार्मेसी अधिकारी अनिल उनियाल ने कहा कि फार्मेसी पेशे का सीधा संबंध जनता के स्वास्थ्य और जीवन से है। कार्यक्रम में डॉ. सतीश, डॉ. दीपा हटवाल, डॉ. विक्की बख्शी, डॉ. द्विवेदी, डॉ. इंदिरा यादव, डॉ. गौरी बिष्ट, फार्मेसी विभाग से आरएस चौहान, एसके भट्ट, आशीष कठैत और विनोद शाह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। मंच संचालन सचिन फोंदणी ने किया।