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Kotdwar News: न हुआ मार्ग का डामरीकरण, न मिला भूमि का मुआवजा

Mon, 16 Feb 2026 05:18 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
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15 साल बाद भी नहीं हुआ कठपतिया से मटेला-कठपतिया मार्ग का मिलान
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बैजरो। बीरोंखाल ब्लॉक के तहत मटेला-कोरकंडाई-बयेडा-कठपतिया मोटर मार्ग का निर्माण 15 वर्ष बीतने के बाद भी पूरा नहीं हुआ है। बयेडा से कठपतिया के बीच सड़क नहीं बनने से ग्रामीण परेशान हैं। वहीं, इस बीच ग्रामीणों को अधिग्रहित नापखेत की भूमि का मुआवजा भी नहीं मिला है। डामरीकरण नहीं होने से मार्ग से जुड़े 18 गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
वर्ष 2010 में मटेला, रणगेरा, कोरकंडाई, कफलगैर, बयेडा तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया था लेकिन 15 साल बीतने पर भी न तो मोटर मार्ग का डामरीकरण हुआ है और न ही सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित नापखेतों का मुआवजा ग्रामीणों को मिला है। सड़क का मिलान कठपतिया तक होना था लेकिन अभी तक सड़क का मिलान भी नहीं हो पाया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मांग ग्रामीणों ने इसलिए की थी कि कठपतिया तक मिलान होने पर ग्रामीणों को कुमाऊं जाने में आसानी होगी व दिल्ली-रामनगर की दूरी घटेगी। विभाग ने न तो सड़क पूरी बनाई और न ही अभी तक डामरीकरण ही हो पाया है। डामरीकरण न होने से सड़क की हालत जर्जर व खस्ताहाल है।

15 किलोमीटर लंबे मोटर मार्ग के कठपतिया तक मिलान के लिए लगातार विभाग से गुहार लगा रहे है। विभाग से कई बार पत्र व्यवहार भी कर चुके हैं लेकिन आज तक सड़क का मिलान नहीं हो पाया है।
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- बलवीर सिंह, ग्रामीण कोरकंडाई गांव।

सड़क निर्माण में कटे नापखेतों का मुआवजा मांग रहे हैं लेकिन विभाग द्वारा कोरे आश्वासन दिए जा रहे हैं। मुआवजे का भुगतान जल्द होना चाहिए। डामरीकरण न होने से ग्रामीणों की जान जोखिम में है।
- बालम सिंह, ग्रामीण बयेडा गांव।
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सड़क के मुआवजे, डामरीकरण व कठपतिया तक सड़क मिलान के लिए प्रकिया जारी है। स्वीकृति मिलते ही सभी कार्य जनहित में कराए जाएंगे।
- लोकेश कुमार सारस्वत, अधिशासी अभियंता लोनिवि बैजरो।
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