राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में प्रवेश फार्म के साथ एंटी रैंगिंग के लिए शपथपत्र की अनिवार्यता पर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) से जुड़े छात्र भड़क उठे। उन्होंने शपथपत्र की बाध्यता समाप्त करने और सादे कागज पर ज्यूडिशियल टिकट लगा शपथपत्र लिए जाने की मांग को लेकर महाविद्यालय कार्यालय में तालाबंदी करते हुए प्रवेश फार्म बिक्री बंद करा दी।
इस मौके पर छात्र नेताओं ने तालाबंदी कर रोष जताया। प्राचार्य से वार्ता के बाद आंदोलित छात्रों ने तालाबंदी समाप्त की। इसके बाद फिर से कालेज में काम शुरू हो सका। मंगलवार को सुबह कालेज खुलते ही एनएसयूआई कार्यकर्ता प्राचार्य कक्ष के समक्ष एकत्र हो गए।
उनका कहना था कि प्रवेश फार्म के साथ एंटी रैंगिंग शपथपत्र की अनिवार्यता सही नहीं है। शपथपत्र सभी से लेने के बजाए केवल उन विद्यार्थियों से लिया जाना चाहिए जो कि मेरिट जारी होने पर प्रवेश के लिए चयनित हो जाएं।
उनकी मांग थी कि फार्म के साथ दस रुपये मूल्य के ज्यूडिशल टिकट को शपथपत्र के रूप में मान्य किया जाना चाहिए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कार्यालय पर ताला जड़ दिया और प्रवेश प्रक्रिया ठप करा दी।
तालाबंदी करने वालों में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सूरज प्रसाद कांती, राजीव पटवाल, राजेश रावत, देवाशीष रावत, शिवम डोबरियाल, हिमांशु बहुखंडी, कुलदीप पटवाल, सूर्यमणि और रक्षित रावत आदि थे।
विद्यार्थी परिषद ने तालाबंदी का किया विरोध
एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने एनएसयूआई की तालाबंदी और कार्यालय बंद कराने का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं की शपथपत्र से जुड़ी समस्या का समाधान करने की मांग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश फार्म के साथ लगाए जाने वाले दस रुपये मूल्य के शपथपत्र तहसील में नहीं मिल रहे हैं।
ई-स्टांप पेपर पर छात्रों को अधिक पैसा खर्च करना पड़ रहा है। छात्रों की मांग पर एसडीएम ने सात जुलाई से तहसील में स्टांप पेपर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सौरभ नौडियाल, रजनीश बेबनी, नीरज ढौंडियाल, सुरेश शर्मा, नीरज पयाल, बलबीर, अजीत, आदर्श रावत और अंकित आदि थे।