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Kotdwar News: राज्य सरकार को सौंपी जाए छावनी क्षेत्र की भूमि

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संवाद न्यूज एजेंसी
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लैंसडौन। लैंसडौन छावनी के नागरिकों ने छावनी क्षेत्र की सभी बी श्रेणियों और सी श्रेणी की भूमि राज्य सरकार को सौंपने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है।
लैंसडौन रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री पोर्टल में भेजे ज्ञापन में कहा कि रक्षा मंत्रालय ने लैंसडौन छावनी के समस्त सिविल क्षेत्र को राज्य सरकार के हवाले करने का निर्णय लिया है। लैंसडौन में बी-1, बी-2, बी-3, बी-4 व सी श्रेणी की भूमि में सिविल क्षेत्र की आबादी व राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों के कर्मचारी पीढ़ी दर पीढ़ी से निवास करते आ रहे हैं।
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यूबी एरिया बरेली व सब एरिया देहरादून ने छावनी क्षेत्र की सेना को आदेश दिया है कि वे अपने क्षेत्रांतर्गत बोर्ड ऑफ ऑफिसर्स का गठन कर बी श्रेणी सहित सी श्रेणी की भूमि को ए लैंड भूमि में बदलने की कार्यवाही करें। कहा कि सेना का यह कार्य सिविल जनता के साथ अन्याय है। सेना के पास ए-1, ए-2 श्रेणी की भूमि का बड़ा भाग है। इस भूमि में कई एकड़ भूमि खाली पड़ी है। जिसका सेना उपयोग नहीं कर पा रही है। राज्य सरकार की योजना लैंसडौन के सिविल एरिया का विकास कर इस क्षेत्र के लोगों को राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल करने की है। वर्षों से यहां के निवासी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। सेना द्वारा सिविल भूमि का आकार कम करने से सरकार की इस योजना का लाभ सिविल जनता नहीं मिल पाएगा। ज्ञापन में एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर असैनिक जनता के साथ न्याय करने की मांग की है। ज्ञापन भेजने वालों में सुरेंद्र सिंह नेगी, राजीव सिंह, रामावतार खंडेलवाल, गंभीर सिंह रावत, महिपाल रावत, संदीप अग्रवाल, सुदर्शन राणा, सौरभ नेगी, बिमला आदि शामिल रहे।
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