कोटद्वार। पाबौ ब्लॉक के सिवाल गांव में पांच दिवसीय पांडव पूजा केला और चीड़ पूजन के साथ शुरू हो गई है। इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में गांव के प्रवासी लोग अपने बच्चों के साथ पहुंच रहे हैं। मंगलवार को पूजन के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में शामिल होकर देवताओं के पश्वा से अपने परिवार और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
पांडव पूजन करवा रहे मुख्य पुजारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि सिवाल गांव में 14 वर्ष बाद पांडव पूजन का आयोजन किया जा रहा है। इससे गांव के युवा वर्ग और सभी लोगों में उत्साह बना हुआ है। महाभारतकालीन पांडव लीला का गढ़वाली में आयोजन किया जा रहा है। पूजन के दौरान होने वाले पांडव नृत्य में ढोल और पांडवों के पश्वा उनका जीवन वृत्त प्रस्तुत कर रहे हैं। पूजा का आयोजन आठ जनवरी को केला पूजन के साथ किया गया। इसी के तहत मंगलवार को चीड़ पूजन के बाद पांडव नृत्य शुरू हुआ। ग्रामीण सते सिंह ने बताया कि गांव में हो रही इस पूजा में गांव से बाहर नौकरी करने वाले प्रवासी बड़ी संख्या में अपने बच्चों के साथ पहुंच रहे हैं। बताया कि बीते आठ जनवरी से चल रही इस पूजा में ग्रामीण अपने परिवार और गांव की खुशहाली के लिए पांडवों से प्रार्थना कर रहे हैं। इस मौके पर सोबन सिंह गुसाईं, गोविंद सिंह, नाथू सिंह, महावीर सिंह, गब्बर सिंह, गंगा सिंह, मोहन लाल आदि मौजूद थे।