लैंसडौन वन प्रभाग के कोटड़ी रेंज में जंगल गए एक युवक पर हाथी ने हमला कर दिया। तीन दिन तक झाड़ियों में रहने के बाद सूचना पर वन विभाग ने उसे जंगल से निकालकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया है। डाक्टरों ने उसके दोनों पैर फ्रैक्चर बताते हुए उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है।
निंबूचौड़ निवासी हरीश कुमार (30) ने बताया कि वह रुड़की में एक बैकरी में नौकरी करता है। 14 मार्च को वह पारखौ से बैकरी की पेमेंट लेकर लौट रहा था। इस बीच सनेह के रास्ते पैदल कोटद्वार आते समय वह जंगल की ओर चला गया।
वहां अचानक जंगल से निकलकर चार हाथियों ने उसे घेर दिया। इससे पहले कि वह संभल पाता, एक हाथी ने उस पर हमला कर दिया। इस पर उसने आनन फानन में जंगल की ओर दौड़ लगा दी। हाथी भी उसके पीछे दौड़ पड़ा, जिससे वह घबराकर एक बड़े गड्ढे में गिर गया। हाथी कुछ देर तक उसे तलाशता रहा, झाड़ी होने के कारण हाथी उसे देख नहीं पाया और वापस चला गया। उसके दोनों पांवों में गंभीर चोट आने के कारण वह गड्ढे से उठ नहीं पाया। इसी हालत में वह तीन दिन तक जंगल में पड़ा रहा।
बृहस्पतिवार को जंगल में घास लेने गई कुछ महिलाओं की उस पर नजर पड़ी। उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग के कर्मचारियों ने उसे जंगल से बाहर निकाला। रेंज अधिकारी वीरेंद्र डोबरियाल ने बताया कि एक व्यक्ति की जंगल में पड़े होने की सूचना मिली थी, उसे जंगल से बाहर निकाला गया है। हाथी के हमले की पुष्टि नहीं हुई है।
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