नैनीडांडा के कमेड़ा-बखरोटी में गहराया पेयजल संकट
आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजना की छह माह बाद भी नहीं हुई मरम्मत, लोग परेशान
कोटद्वार/धुमाकोट। नैनीडांडा ब्लॉक के ग्राम पंचायत कमेड़ा मल्ला व बखरोटी के पांच गांवों के लिए जल जीवन मिशन के तहत प्रस्तावित योजना तीन साल बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। इतना ही नहीं आपदा से क्षतिग्रस्त मेन स्रोत के निर्माण कार्य भी बजट के अभाव में अभी तक नहीं कराए गए हैं जिससे ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।
स्थिति यह है कि ग्रामीण प्राकृतिक स्रोतों से सिर पर पानी ढोने के लिए मजबूर हैं। स्रोतों के आसपास झाड़ियां अधिक होने के कारण पानी ढोते वक्त जंगली जानवरों के हमले का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने पेयजल योजना का कार्य जल पूरा करा उन्हें सुचारू रूप से पेयजल आपूर्ति कराने की मांग की है।
ग्रामसभा बखरोटी के पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह रावत, प्रेम सिंह, राजेंद्र सिंह, मनवर सिंह, राजपाल सिंह, दर्शन सिंह आदि ने बताया कि ग्रामसभा कमेड़ा के कमेड़ा मल्ला व ग्रामसभा बखरोटी के अंतर्गत बखरोटी, छीमपाणी, बसेड़ी व घिरोली गांव के लिए 35 साल पहले पेयजल लाइन बिछाई गई थी।
मरम्मत व देखरेख के अभाव में पेयजल लाइन कई जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है जिससे गांव में पेयजल सप्लाई बंद पड़ी है। गांव में पेयजल समस्या को देखते हुए जल निगम की ओर से जल जीवन मिशन के तहत नैनीडांडा के गुणिया रौला से कमेड़ा मल्ला तक 17 किमी. पेयजल लाइन स्वीकृत की गई।
फरवरी, 2023 से इस योजना पर काम चल रहा है। लाइन पूरी बिछने के बाद भी गांवों की लाइन को मेन लाइन से नहीं जोड़ा गया है, जिससे कमेड़ा व बखरोटी गांव में स्टोरेज टैंक खाली पड़े हुए हैं। इतना ही नहीं घरों के आगे लगे स्टैंड पोस्ट भी शोपीस बने हुए हैं। बसेड़ी, बखरोटी, छीमपाणी, हिवाड़ में अभी तक स्टोरेज टैंक नहीं बन पाए हैं। मेन स्रोत में आपदा से सारे निर्माण ध्वस्त हो चुके हैं। वर्तमान में बजट के अभाव में काम पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य में मजदूरी करने वाले ग्रामीणों को भी अभी तक मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है।
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खराबी आने पर मरम्मत कराना होगा मुश्किल
ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था की ओर से जो पेयजल लाइन बिछाई गई है उसमें एक किमी. पेयजल लाइन बैडहाट रोड के बीचों बीच बिछा दी गई है जिससे पेयजल लाइन में खराबी आने पर उसकी मरम्मत कराना मुश्किल होगा। अधिशासी अभियंता ने लाइन को सड़क किनारे शिफ्ट करने का भरोसा दिया था लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कमेड़ा मल्ला में 10, बखरोटी में 35, छीमपाणी में 5, बसेड़ी में 15 व घिरोली में सात परिवार रहते हैं।
पिछली बरसात में आपदा से पेयजल योजना के मेन स्रोत में काफी नुकसान पहुंचा था। मरम्मत के लिए आपदा मद में शासन से बजट की डिमांड की गई है। बजट मिलते ही मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। छिटपुट मरम्मत कार्य विभाग की ओर से कराए जा रहे हैं।
- रमाकांत गुप्ता, एई पेयजल निगम कोटद्वार।