फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kotdwar News: मुख्यमंत्री ने धारी देवी मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की

विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीनगर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में आपदाग्रस्त क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद व पौड़ी जिले स्थित धारी देवी मंदिर पहुंचकर मां धारी देवी के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और समृद्धि की कामना की। वह यहां रुद्रप्रयाग से सड़क मार्ग होते हुए करीब 3.30 बजे पहुंचे।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री धामी ने मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद स्थानीय लोगों, मंदिर समिति के पदाधिकारियों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं से भी बातचीत की। उन्होंने लोगों का हालचाल जाना। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में प्रदेश सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। राहत व बचाव कार्य तेजी से करवाये जा रहे हैं। धारी देवी मंदिर में दर्शन के बाद स्थानीय जनता और समिति पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने तीर्थयात्रियों से भी मुलाक़ात की। यात्रियों ने चार धाम यात्रा व्यवस्था पर सरकार की खुले दिल से प्रशंसा की। इंदौर से आये श्रद्धालु संतोष पाठक ने कहा कि प्रदेश में आपदा के बावजूद यात्रा व्यवस्था काफी अच्छी हैं। यात्री व्यवस्थाओं से खुश हैं। उन्होंने कहा कि वह बेहतर ढंग से प्रदेश की कमान संभाले हुए हैं। इसके बाद मंदिर परिसर का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने अलकनंदा नदी के दोनों तटों पर भू-कटाव रोकने के लिए सुरक्षा दीवार निर्माण का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, एसएसपी लोकेश्वर सिंह और अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल आदि मौजूद रहे।



धारी देवी मंदिर को भविष्य के खतरों से बचाने की मांग के लिए सीएम को सौंपा ज्ञापन



धारी देवी मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मंदिर समिति ने ज्ञापन सौंपकर मंदिर की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। समिति ने बताया कि हाल के दिनों में ऊपरी इलाकों में बादल फटने और आपदाओं से भारी नुकसान हुआ है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर पेड़ और मलबा मंदिर के पिलरों से टकराते हैं, जिससे कंपन और क्षति होती है। समिति का कहना है कि भविष्य में खतरे को देखते हुए जलस्तर बढ़ने की स्थिति में मंदिर को अस्थायी रूप से स्थानांतरित करने की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि मां धारी देवी की धाम को सुरक्षित रखा जा सके। ज्ञापन सौंपने वालों में समिति के पदाधिकारी विवेक पांडे, जगदंबा पांडे, लक्ष्मी प्रसाद पांडे और रमेश चंद्र पांडे शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें