कोटद्वार। जिला एवं सत्र न्यायाधीश पौड़ी की अदालत ने लैंसडौन वन प्रभाग के लालढांग क्षेत्र में गुलदार को जहर देकर मारने के आरोपी की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें और पत्रावलियों पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर पाया कि आरोपी के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं हैं। प्रथम दृष्टया आरोपी द्वारा गुलदार को मारने का भी कोई आशय प्रतीत नहीं होता। इसके आधार पर उसका जमानत प्रार्थनापत्र मंजूर कर दिया गया है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनूप खंतवाल ने बताया कि गत दो अगस्त को लैंसडौन वन प्रभाग के लालढांग रेंज के अंतर्गत रवासन-प्रथम बीट के कक्ष संख्या 48 में मादा गुलदार मृत पाई गई। उसके सभी अंग सुरक्षित पाए गए थे। घटना के बाद मामले में वन विभाग की ओर से आठ अगस्त को लालढांग क्षेत्र के थाना श्यामपुर निवासी सुखपाल सिंह पुत्र स्व. जोत सिंह को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। बताया कि उन्होंने जिला एवं सत्र न्यायालय पौड़ी में आरोपी की ओर से जमानत प्रस्तुत किया। दलील दी कि मामले में उसके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है। बताया कि आरोपी सुखपाल सिंह के छोटे कुत्ते के घाव में कीड़े पड़ चुके थे। उसकी पत्नी सुनीता जंगलात की नर्सरी में काम करती है और वहां से दवा लाई थी। इसे उसने कुत्ते के घाव में डाला ताकि उसके कीड़े मर जाएं, लेकिन अगली सुबह ही कुत्ता मर गया। कुत्ते के शव को उसने नहर के किनारे जंगल में फेंक दिया। वहीं पर गुलदार कुत्ते को खाकर मर गया। कहा कि बयान में भी गुलदार को मारने का कोई आशय प्रदत्त नहीं होता। जिला सत्र न्यायाधीश जीएस धर्मशक्तू ने आरोपी सुखपाल शाह को 30 हजार रुपये के बंधपत्र और इसी राशि के दो विश्वसनीय जमानती प्रस्तुत करने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट कोटद्वार को उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।