अस्पताल प्रशासन का तर्क : केवल विशेष श्रेणी के मरीजों के लिए ही उपलब्ध है प्राइवेट रूम
कोटद्वार। 300 बेड के राजकीय बेस अस्पताल में किसी मरीज के लिए प्राइवेट रूम उपलब्ध नहीं है। अस्पताल प्रशासन ने परिसर में कुछ जगहों पर कमरा नंबर के साथ प्राइवेट रूम की उपलब्धता दर्शाई है लेकिन मरीज द्वारा कमरे की मांग करने पर उन्हें यह कमरा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
कोटद्वार के चार मंजिला राजकीय बेस अस्पताल में 300 मरीजों को भर्ती किए जाने की क्षमता है। आमतौर पर औसतन 50 फीसदी या उससे अधिक मरीज अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती रहते भी हैं। इन मरीजों में से किसी मरीज को सार्वजनिक वार्ड में कुछ असहज महसूस होने पर अगर पृथक से निजी कमरे की जरूरत हो तो वह मरीज को नहीं मिल पा रहा है। जबकि अस्पताल प्रशासन की ओर से अस्पताल में प्राइवेट रूम की उपलब्धता सुनिश्चित की हुई है।
पिछले दिनों लैंसडौन से आए एक परिवार की महिला को सार्वजनिक वार्ड में कुछ असहज महसूस होने पर जब अस्पताल प्रशासन से उन्हें पृथक से प्राइवेट रूम देने की मांग की गई तो उन्हें कमरा उपलब्ध नहीं कराया गया। परिवार द्वारा इस पर आपत्ति तो व्यक्त की गई लेकिन उन्हें परिस्थितिवश उन्हें सार्वजनिक वार्ड में ही महिला को रोकने पर मजबूर होना पड़ा।
अस्पताल में दो आरक्षित प्राइवेट रूम तो हैं लेकिन ये वार्डों में भर्ती मरीजों के लिए नहीं हैं। यह किसी संक्रमित मरीज को रखे जाने एवं आपराधिक मामलों में मेडिकल जांच के लिए लाए जाने वाले मरीज के लिए ही हैं।
-डॉ. विजय सिंह, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, बेस अस्पताल कोटद्वार।