कोटद्वार। हल्दूखाता स्थित शिव मंदिर धोबीघाट में चल रही शिव महापुराण कथा के छठवें दिन की कथा वाचन करते हुए आचार्य पंडित राकेश चंद्र लखेड़ा ने कहा कि सत्य सर्वश्रेष्ठ व सर्वोपरी है। धर्म का अर्थ केवल पूजा पाठ नहीं, अपितु आचरण की पवित्रता और कर्तव्य पालन करना है। उन्होंने कहा कि नंदी शिव के साक्षात अवतार हैं और सभी गणों के स्वामी हैं। नंदी का अर्थ धर्म है। धर्म के चार अंग सत्य, तप, पवित्रता और दया है। जब धर्म चारों अंगों पर आधारित था तो तब सतयुग था। जब धर्म तीन अंगों पर आधारित हुआ तब त्रेता युग और जब धर्म दो अंगों पर आधारित रह गया तब द्वापर युग था। कलयुग में धर्म एक ही अंग पर आधारित रह गया। इस मौके पर इंदू नौटियाल, इंद्रेश देवी, विकास पंत, नर्वदा देवी, दीपा देवी, संगीता रावत, कुसुमलता, हेमलता, पुष्पा देवी, सावित्री देवी, सविता देवी, निर्मला देवी, सुनील पुजारी, आकाश बडोला आदि मौजूद रहे। संवाद