शुद्ध पेयजल आपूर्ति और रोडवेज डिपो संचालन सहित छह सूत्री मांगों के लिए प्रगतिशील जनमंच ने तहसील का घेराव किया। मंच के बैनर तले विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन करते हुए मांगों पर सकारात्मक कारवाई नहीं होने पर आक्रोश जताया।
जनमंच के आह्वान पर लोगों ने तहसील कार्यालय का घेराव किया। इस अवसर पर आयोजित सभा में मंच के अध्यक्ष अनिल स्वामी ने कहा कि आज किसी भी समस्या के लिए मुख्यमंत्री से मिलना मुश्किल हो गया है। उनके पास जनता की समस्या सुनने का वक्त नहीं है। जबकि यूपी के जमाने में बड़े-बड़े नेता और अधिकारी सर्वसुलभ ढंग से मिल जाते थे। उन्होंने जनता की मांग को सरकार तक न पहुंचाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका की निंदा की।
इस अवसर पर आंदोलनकारियों ने श्रीनगर जल विद्युत परियोजना की निर्मात्री कंपनी जीवीके के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मनमानी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कंपनी ने अनुबंध के अनुसार कार्य पूरे नहीं किए हैं। जबकि विद्युत उत्पादन काफी पहले शुरू हो चुका है। घेराव में बिड़ला परिसर के छात्रसंघ अध्यक्ष मनोज रावत, हर्ष सिंह रावत, नवीन नौटियाल, मनीष नौटियाल, जुल्फकार हुसैन, बृजेश भट्ट, विवेक भंडारी, अभिषेक, आरएस शुक्ला, पृथ्वी सिंह बिष्ट और शिवचरण रावत आदि शामिल थे।
यह हैं मांगे
- श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के कारण प्रभावित हुई शुद्ध पेयजल आपूर्ति को दुरुस्त किया जाए।
- अलकनंदा तट और डूब क्षेत्र के 24 गांवों में परियोजना निर्मात्री कंपनी शीघ्र कार्य कराए।
- वर्ष 2004 के स्वीकृत श्रीनगर रोडवेज बस डिपो का संचालन किया जाए।
- वर्ष 2013 की आपदा से प्रभावित हुए आईटीआई और खाद्यान्न गोदाम की यथावत पुनर्स्थापना।
- राजकीय संयुक्त अस्पताल और मेडिकल कालेज को संसाधन और विशेषज्ञ चिकित्सकों से लैस करे।
- सुमाड़ी में एनआईटी उत्तराखंड के स्थायी परिसर का शीघ्र निर्माण किया जाए।