शहर के अधिकांश स्कूली बच्चों का कहना है कि श्रीदेव सुमन व वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी हैं। बच्चों को उत्तराखंड राज्य से जुड़ी सामान्य जानकारियां तो हैं, लेकिन उत्तराखंड आंदोलन से अनभिज्ञ हैं।
उत्तराखंड आंदोलन से संबंधित जानकारियां पाठ्यक्रम में शामिल नहीं होने से स्कूली छात्रों को राज्य आंदोलन का इतिहास मालूम नहीं है। श्रीयंत्र टापू कांड में आंदोलनकारी यशोधर बेंजवाल व राजेश रावत शहीद हो गए थे। यह स्थान शहर से मात्र दो किमी दूर है। बावजूद इसके बच्चों को श्रीयंत्र टापू के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उत्तराखंड आंदोलन के फील्ड मार्शल कहे जाने वाले दिवाकर भट्ट के बारे में भी छात्र कुछ नहीं बता पाए। जबकि दिवाकर भट्ट कीर्तिनगर क्षेत्र से संबंध रखते हैं। हालांकि उत्तराखंड राज्य से जुड़ी सामान्य जानकारियां शिक्षकों ने छात्रों को दी हैं। लेकिन आवश्यकता है कि उत्तराखंड आंदोलन को पाठ्यक्रम में शामिल कर छात्रों को पूर्ण जानकारी दी जाए।
जीजीआईसी श्रीनगर
यहां की छात्राओं को उत्तराखंड की सामान्य जानकारियां तो हैं, लेकिन राज्य आंदोलनकारियों के बारे में छात्राएं कुछ नहीं बता पाईं। छात्राएं श्रीदेव सुमन व वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को उत्तराखंड आंदोलनकारी मानती हैं।
मार्डन जूनियर हाई स्कूल
मार्डन जूनियर स्कूल के छात्रों ने उत्तराखंड गठन की तिथि, राज्य प्रतीक आदि के बारे में तो बताया, लेकिन वे श्रीयंत्र टापू कांड के बारे में कुछ नहीं बता पाए। छात्र उत्तराखंड आंदोलनकारियों का नाम भी नहीं बता पाए।
चिल्ड्रन एकेडमी
विद्यालय के कक्षा छह के छात्र उत्तराखंड राज्य निर्माण की अवधारणा के बारे में नहीं बता पाए। हालांकि बच्चों ने गठन की तिथि सही बताई। उत्तराखंड का गांधी किसे कहते बच्चे यह भी नहीं बता पाए।