कोटद्वार। गत वर्ष 22 जुलाई से क्षतिग्रस्त सुखरो रेल पुल का निर्माण पूरा होने और कोटद्वार तक रेल सेवाओं के संचालन में अभी डेढ़ से दो महीने और लगने के आसार हैं। मंगलवार को निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण करने आए उत्तर रेलवे के अधिकारियों की मानें तो पुल 15 मार्च तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद कोटद्वार-नजीबाबाद के बीच रेल सेवाएं शुरू हो सकेंगी।
मंगलवार शाम उत्तर रेलवे के चीफ इंजीनियर (ब्रिज) एमपी सिंह और मुरादाबाद रेल मंडल के प्रवर मंडल अभियंता पारितोष गौतम ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ कोटद्वार-नजीबाबाद के बीच निर्माणाधीन सुखरो रेल पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान अधिकारियों ने पत्रकारों को बताया कि सुखरो पुल का निर्माण 15 मार्च तक कर दिया जाएगा। हालांकि अधिकारी पुल निर्माण में हो रही देरी का जवाब नहीं दे सके। पत्रकारों ने कहा कि पुल टूटे हुए छह महीने से ज्यादा वक्त हो चुका है। रेलवे की ओर से कभी तीन माह तो कभी 15 दिसंबर तक निर्माण पूरा होने की बात कही गई थी। अधिकारियों ने कहा कि पुल को नए सिरे से बनाया जा रहा है, जिसमें कई तकनीकी दिक्कतें आई हैं। रेलवे का प्रयास है कि मार्च के तीसरे सप्ताह तक पुल पर रेल सेवाओं का संचालन करवा दिया जाए।
उधर, कोटद्वार में छह महीने से रेल सेवाएं ठप होने को कांग्रेस की ओर से विधानसभा का मुद्दा बनाया जा रहा है। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष डा. चंद्रमोहन खर्कवाल का कहना है कि गढ़वाल के एकमात्र रेल पुल को केंद्र की मोदी सरकार छह महीने में नहीं बनवा सकी है।