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छात्रों की पाई अनुशासहीनता

Thu, 05 May 2016 07:49 PM IST
अमर उजाला/श्रीनगर
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विकास खंड देवप्रयाग के राजकीय इंटर कालेज पौड़ीखाल के तीन छात्रों को कथित रूप से स्कूल से निकालने के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग के आदेश पर जांच कराई गई है। बताया जा रहा है कि जांच अधिकारियों ने इसे छात्रों की ओर से अनुशासहीनता का मामला पाया है। वहीं, प्रधानाचार्य का कहना है कि स्कूल से किसी को निकाला नहीं गया है, बल्कि उनके अभिभावकों ने स्वयं टीसी (स्थानांतरण) के लिए आवेदन किया था।
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दो साल पहले हुए इस मामले में तीन छात्रों ने जीआईसी पौड़ीखाल छोड़कर अन्यंत्र दाखिला ले लिया था। अभिभावकों ने इस मामले में मानवाधिकार आयोग से शिकायत करते हुए प्रधानाचार्य पर उनके पाल्यों को जबरन स्कूल से निकालने का आरोप लगाया।

आयोग के आदेश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) टिहरी ने खंड शिक्षा अधिकारी देवप्रयाग को मामले की जांच सौंपी थी। हाल में ही उन्होंने इसकी जांच पूरी कर सीईओ ऑफिस भेज दी है। बीईओ सुदर्शन बिष्ट ने बताया कि अनुशासन बनाए रखने के लिए कालेज प्रशासन ने कुछ कार्रवाई की थी। जांच रिपोर्ट के बारे में सीईओ ही बता पाएंगे। इधर सीईओ दिनेश गौड़ का कहना है कि अभी जांच रिपोर्ट पढ़ी नहीं है। हालांकि जांच रिपोर्ट में जो बिंदु होंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई होगी।
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स्कूल से किसी छात्र को नहीं निकाला गया है। तीनों छात्रों ने अनुशासन तोड़ा था। एक छात्र तो शिक्षक को पीटने के लिए गांव से लड़के ले आया था। इस बारे में उनके अभिभावकों को अवगत कराया गया था। उनको छात्रों की दिनचर्या में सुधार लाने के लिए कहा गया था।  उन्होंने इसके बजाय स्कूल से टीसी निकाल ली। अध्यापक-अभिभावक संघ की बैठक में सारे मामले पूर्व में रख दिए गए थे।- कैलाश मैठाणी, प्रधानाचार्य जीआईसी पौड़ीखाल
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