नए सत्र में छात्र संख्या पहुंची 176, ब्रिटिश शासनकाल में स्थापित हुआ था स्कूल
अशोक केष्टवाल
(पड़ताल)
कोटद्वार/दुगड्डा। पर्वतीय क्षेत्रों के सरकारी विद्यालय जहां लगातार घटती छात्र संख्या के कारण बंद हो रहे हैं वहीं क्रांतिकारी भवानी सिंह रावत आदर्श विद्यालय जीआईसी दुगड्डा ने इस धारणा को बदलने का काम किया है। इस वर्ष विद्यालय में नए प्रवेशों के बाद छात्र-छात्राओं की संख्या में वृद्धि हुई है। शिक्षकों की तैनाती और बेहतर शैक्षणिक माहौल से नए सत्र में छात्र संख्या 176 हो गई है।
वर्ष 2025 में जीआईसी दुगड्डा में कुल 157 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत थे। वर्तमान शिक्षा सत्र में यह संख्या बढ़कर 176 हो गई है। ब्रिटिश शासनकाल में दुगड्डा के सुभाष बाजार वार्ड में विद्यालय की स्थापना डीएवी विद्यालय के रूप में हुई थी। उस समय विद्यालय पूर्ण रूप से अशासकीय संस्था थी। दुगड्डा के अलावा द्वारीखाल, जयहरीखाल, रिखणीखाल समेत आसपास के कई ब्लॉकों के छात्र यहां शिक्षा ग्रहण करने आते थे। आजादी के बाद वर्ष 1975 में विद्यालय को राजकीय दर्जा हासिल हुआ। संवाद
आदर्श विद्यालय बनने के बाद शिक्षकों की तैनाती से शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार हुआ है। विद्यालय प्रशासन की ओर से छात्र-छात्राओं को उचित मार्गदर्शन दिया जा रहा है, जिससे अभिभावकों का भरोसा विद्यालय के प्रति लगातार बढ़ रहा है।
-गिरीश चंद्र खर्कवाल, प्रधानाचार्य