भाबर के मवाकोट में आयोजित पांच दिवसीय गेंद मेला पारंपरिक गेंद के अभिनंदन और शोभायात्रा के साथ शुरू हो गया है। इस अवसर पर समिति ने कई पीढ़ियों से पारंपरिक गेंद बनाने वाले कलालघाटी निवासी बृजमोहन को मेले स्थल में शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
सोमवार को मेला समिति ने पारंपरिक गेंद की शोभायात्रा कलालघाटी का शुभारंभ जशोधरपुर के ग्राम प्रधान शैलेंद्र डबराल ने झंडी दिखाकर किया। इसके बाद शोभायात्रा त्रिलोकपुर-किशनपुर-हल्दूखाता-दुर्गापुर-निंबूचौड़ होते हुए मेले स्थल पर संपन्न हुई। शोभा यात्रा के दौरान जगह-जगह मार्ग में ग्रामीणों ने पारंपरिक गेंद पर पुष्प वर्षा कर अभिनंदन किया। समिति के अध्यक्ष जितेंद्र डोबरियाल ने बताया कि बृजमोहन का परिवार कई वर्षों से मवाकोट गेंद मेले के लिए पारंपरिक गेंद बनाने का काम कर रहे हैं। उनके इस योगदान से गेंद मेले की परंपरा अभी तक जीवित है। इस अवसर पर समिति ने बृजमोहन को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। सम्मान समारोह के अवसर पर हरेंद्रमणी जोशी, प्रमोद डोबरियाल, गजेंद्र रावत, सुभाष कोठारी, बलदेव नेगी, पितृ शरण जोशी, गौरव नौटियाल, अनिल सती, दिनेश गौड़ मौजूद रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की होगी शुरुआत
दुगड्डा। मेला समिति के अध्यक्ष हनुमान सिंह रावत ने बताया कि 13 जनवरी को विद्यालयों के सांस्कृतिक प्रतियोगिता कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी बच्चों का उत्साह बढ़ाएंगे। 14 जनवरी को ग्राम सभाओं के पारंपरिक लोकगीत और लोकनृत्य पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक विजय बडथ्वाल द्वारा होगा। इसी दिन दोपहर में विभिन्न प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले सफल प्रतिभागियों को यूपी-उत्तराखण्ड पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष विनोद बडथ्वाल पुरस्कार वितरित करेंगे। 15 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन लंगूरी और भटपुड़ी के मध्य गेंद खेली जाएगी। मेले के सफल आयोजन के लिये समितियों का गठन किया गया है। साथ ही प्रशासन से सहयोग मांगा गया है।